भारतीय नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोत USS Nimitz के साथ  हिंद महासागर में किया युद्धाभ्यास, चीन को कड़ा संदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 21, 2020, 07:38 AM IST

Indian Navy maneuvers with USS Nimitz: चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारत ने सोमवार को अमेरिकी नौसेना के साथ अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के नजदीक युद्धाभ्यास किया।

भारतीय नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोत USS Nimitz के साथ  हिंद महासागर में किया युद्धाभ्यास, चीन को कड़ा संदेश

Indian Navy maneuvers with US:भारत के साथ सीमा विवाद में उलझे चीन के लिए परेशानी भरी खबर सामने आई है बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना  ने सोमवार से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त नौसेना अभ्यास शुरू कर दिया है खास बात ये है कि इस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में अमेरिकी नौसेना का निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप हिस्सा ले रहा है, यूएसएस निमित्ज युद्धपोत दुनिया का खासा शक्तिशाली युद्धपोत माना जाता है जो बेहद घातक हथियारों से लैस है।

इस संयुक्त अभ्यास को चीन के लिए भारत और अमेरिका का कड़ा संदेश माना जा रहा है गौरतलब है कि अमेरिका ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज को हिंद महासागर में भेजकर चीन को कड़ा संदेश दे रखा है। यूएसएस निमित्ज को दुनिया का खासा बड़ा और सबसे ज्यादा घातक हथियारों से लैस विमानवाहक युद्धपोत माना जाता है कहते हैं कि इस पर परमाणु हथियारों के साथ ही अत्याधुनिक सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों की भी तैनाती है। 

भारत के साथ ही अमेरिका भी चीन के अतिवाद से परेशान है और वो चीन को कड़ा सबक देना चाहता, अमेरिका बयानों में इस ओर इशारा भी कर चुका है और अब अमेरिकी नौसेना ने हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त नौसेना अभ्यास शुरू कर इस ओर संकेत भी दे दिया है।चीन के साथ भारत के जारी तनाव के बीच अमेरिका ने साउथ चाइना सी से लेकर हिन्द महासागर तक अपनी गश्त बढ़ा दी है।

निमित्ज अकेले अपने दम पर कई देशों को बर्बाद करने की ताकत रखता है

परमाणु शक्ति से चलने वाले इस एयरक्राफ्ट कैरियर को अमेरिकी नौसेना में बहुत ताकतवर माना जाता है और ये अकेले अपने दम पर कई देशों को बर्बाद करने की ताकत रखता है। इस जहाज का नाम द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी प्रशांत बेड़े के कमांडर फ्लीट एडमिरल चेस्टर डब्ल्यू. निमित्ज के नाम पर रखा गया है, संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना का यह सुपर एयरक्राफ्ट कैरियर परमाणु ऊर्जा संचालित 10 विमानों को एक साथ लेकर चल सकता है अमेरिकी नौसेना में 3 मई, 1975 को कमीशन किया गया था
 

End of Article