ALH स्क्वाड्रन INAS 324 नौसेना में कमीशन, विशाखापट्टनम में हुआ आयोजन, अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है हेलीकॉप्टर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 4, 2022, 05:33 PM IST

भारतीय नौसेना वायु स्क्वाड्रन 324 को 4 जुलाई 2022 को आईएनएस देगा विशाखापत्तनम में आयोजित एक प्रभावशाली कमीशनिंग समारोह में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।

ALH स्क्वाड्रन INAS 324 नौसेना में कमीशन, विशाखापट्टनम में हुआ आयोजन, अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है हेलीकॉप्टर

भारतीय नौसेना एयर स्क्वाड्रन 324 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। विशाखापत्तनम में इसके लिए एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह आयोजन वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान की उपस्थिति में हुआ।

भारतीय नौसेना को पूर्वी छोर पर मिला पहला स्वदेशी एयर स्क्वाड्रन 

यह इकाई पूर्वी समुद्र तट पर पहली नौसेना स्क्वाड्रन है जो स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके III (एमआर) हेलीकॉप्टरों का संचालन करती है।

इस पक्षी के नाम पर रखा गया है स्क्वाड्रन का नाम 

आईएनएएस 324 को 'केस्ट्रेल्स' नाम दिया गया है जो शिकारी पक्षी होते हैं और इनमें अच्छी संवेदी क्षमताएं हैं जो विमान और वायु स्क्वाड्रन की भूमिका का प्रतीक हैं। स्क्वाड्रन का प्रतीक चिन्ह एक 'केस्ट्रेल' को दर्शाता है जो विशाल नीली और सफेद समुद्री लहरों पर खोज कर रहा है, जो स्क्वाड्रन की अभिन्न समुद्री टोही (MR) और खोज और बचाव (SAR) भूमिका को दर्शाता है।

अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है यह हेलीकॉप्टर 

एएलएच एमके III हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं जिनमें आधुनिक निगरानी रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर शामिल हैं। इन फ्लाइंग मशीनों को शामिल करना, आत्मनिर्भर भारत की सरकार की पहल के अनुसरण में है, क्योंकि इन्हें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित और निर्मित किया गया है।

मल्टिपल मिशन में कारगर होगा यह हेलीकॉप्टर

एमआर और एसएआर की अपनी मुख्य भूमिकाओं के अलावा, इन हेलीकॉप्टरों को मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) संचालन के साथ-साथ समुद्री कमांडो के साथ विशेष संचालन के लिए भी तैनात किया जा सकता है। गंभीर रूप से बीमार रोगियों के मेडिकल एवाक्वेश्न की सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर में एयर एम्बुलेंस भूमिका में उपयोग के लिए एक MICU भी है।

बढ़ेगी नौसेना की निगरानी क्षमता 

सभा को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता ने कहा कि पूर्वी नौसेना कमान में पहले एएलएच एमके III स्क्वाड्रन के शुरू होने से पूर्वी समुद्र तट पर निगरानी क्षमता में वृद्धि होगी। आईएनएएस 324 की कमान कमांडर एसएस डैश द्वारा संभाली जाएगी, जो व्यापक परिचालन अनुभव के साथ एक कुशल और अत्यधिक अनुभवी एएलएच क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर है।
 

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