अभी कैसा है काबुल स्थित भारतीय दूतावास का हाल, अधिकारी ने बताया फंसे कर्मियों को कब निकालेंगे 

Indian embassy in Kabul : अधिकारी का कहना है कि विदेश मंत्रालय को काबुल दूतावास से नियमित रूप से संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं। दूतावास के कर्मियों का कहना है कि भारतीय प्रतिष्ठान सुरक्षित है।

Indian Embassy in Kabul safe, operational; salary of local staff disbursed
काबुल में भारतीय दूतावास सुरक्षित है।  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • काबुल स्थित भारतीय दूतावास और वहां तैनात स्थानीय कर्मचारी सुरक्षित हैं
  • दूतावास के कर्मचारियों को सैलरी और रखरखाव का खर्चा भी मिला है
  • अधिकारी का कहना है कि काबुल में मौजूद शेष कर्मचारियों को जल्द निकाला जाएगा

नई दिल्ली : एक अधिकारी ने बताया है कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास सुरक्षित है और वह काम कर रहा है। दूतावास पर तैनात स्थानीय कर्मचारियों को समय पर उनकी सैलरी भी दी गई है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास के स्थानीय कर्मचारियों को समय पर उनकी सैलरी और रखरखाव का खर्च दिया गया है। 

भारतीय दूतावास सुरक्षित, कर्मियों को मिली सैलरी
अधिकारी का कहना है कि विदेश मंत्रालय को काबुल दूतावास से नियमित रूप से संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं। दूतावास के कर्मियों का कहना है कि भारतीय प्रतिष्ठान सुरक्षित है। रिपोर्टों में कहा गया था कि मौजूदा तनाव के चलते काबुल में बैंक पूरी तरह से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों को अपनी सैलरी निकालने में दिक्कत हो सकती है। 

शीघ्र शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
अधिकारी ने कहा, 'कुछ भारतीय काबुल में हैं, भारत सरकार इन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में है लेकिन काबुल एयरपोर्ट अभी बंद है और तालिबान अभी विमानों को उतरने की इजाजत नहीं दे रहा है।' विदेश मंत्रालय का कहना है कि काबुल में अभी जो भारतीय हैं उन्हें निकालने के लिए शीघ्र ही रेस्क्यू मिशन दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली काबुल एवं दूतावास के कर्मियों के साथ लगातार संपर्क में है। 

तालिबान के रुख का इंतजार
समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्रालय से पूछा है कि अफगानिस्तान में हालात बिगड़ने के बाद काबुल स्थित भारतीय दूतावास में कितने कर्मचारी मौजूद हैं, मंत्रालय ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया है। अधिकारी ने कहा, 'भारत से राजनयिकों एवं दूतावास कर्मियों का नई दिल्ली से काबुल पहुंचना तालिबान की नई सरकार के रुख पर निर्भर करेगा।'

अखुंदजादा बन सकते हैं सुप्रीम लीडर
रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि तालिबान शुक्रवार को अपनी सरकार की घोषणा करेगा। कयास हैं कि उसकी सरकार का गठन ईरान के तर्ज पर होगा। यानि कि यहां पर भी सुप्रीम लीडर सबसे शक्तिशाली व्यक्ति होगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने तालिबान के एक पदाधिकारी के हवाले से कहा है कि हैबीतुल्लाह अखुंदजादा को गवर्निंग काउंसिल का सुप्रीम लीडर बनाया जा सकता है। इस सुप्रीम लीडर के पास ही असीम शक्तियां होंगी। सुप्रीम लीडर के अधीन एक राष्ट्रपति काम करेंगे।  

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