चीन की 'चाल' पर अब पूर्वी एयरबेस से भी नजर, हासीमारा पर राफेल का दूसरा स्क्वाड्रन हुआ चालू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 28, 2021, 08:28 PM IST

Rafale aircraft: भारतीय वायु सेना (IAF) ने पूर्वी वायु कमान (EAC) में पश्चिम बंगाल के हासीमारा एयरबेस में राफेल जेट के दूसरे स्क्वाड्रन को औपचारिक रूप से शामिल किया।

चीन की 'चाल' पर अब पूर्वी एयरबेस से भी नजर, हासीमारा पर राफेल का दूसरा स्क्वाड्रन हुआ चालू

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने पश्चिम बंगाल में हासीमारा एयरबेस पर फाइटर विमान राफेल के दूसरे स्क्वाड्रन को चालू कर दिया है। राफेल फाइटर जेट्स को आज 101 स्क्वाड्रन में शामिल किया गया है। अंबाला एयरबेस में पहला स्क्वाड्रन पहले से ही चालू है। एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने औपचारिक रूप से राफेल विमान को आज पूर्वी वायु कमान (EAC) में एएफएस हासीमारा में नंबर 101 स्क्वाड्रन में शामिल किया। इस कार्यक्रम में फ्लाईपास्ट और पारंपरिक वाटर कैनन सलामी शामिल थी। 101 स्क्वॉड्रन की शुरुआत करीब आधा दर्जन राफेल विमानों से हो रही है।

स्टेशन को संबोधित करते हुए CAS ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की क्षमता को मजबूत करने के महत्व को ध्यान में रखते हुए हासीमारा में राफेल को शामिल करने की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी। 101 स्क्वाड्रन के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इसमें कोई संदेह नहीं है कि जब भी और जहां भी आवश्यकता होगी, स्क्वाड्रन हावी रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि विरोधी हमेशा उनकी उपस्थिति से भयभीत रहे। 

बुधवार को रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारत को दसॉ एविएशन से अब तक 26 राफेल विमान मिल चुके हैं। राफेल सौदे के तहत भारत को कुल 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति होनी है। पहला राफेल विमान पिछले साल 29 जुलाई को देश में आया था। इससे चार साल पहले 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए 59,000 करोड़ रुपए के सौदे पर भारत और फ्रांस की सरकारों ने हस्ताक्षर किए थे। 

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