सीमा विवाद: 6 जून को मिलेंगे भारत-चीन के कमांडर्स, राजनाथ सिंह ने माना LAC पर है चीनी सैनिकों की बड़ी तादाद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 3, 2020, 01:52 PM IST

India China face off: भारत-चीन के बीच सीमा पर जारी टकराव को देखते हुए एक बार फिर दोनों देशों के बीच सैन्‍य स्‍तरीय वार्ता होने वाली है। दोनों देशों के सैन्‍य कमांडर्स आपसी विवादों को दूर करने का प्रयास करेंगे।

सीमा विवाद: 6 जून को मिलेंगे भारत-चीन के कमांडर्स, राजनाथ सिंह ने माना LAC पर है चीनी सैनिकों की बड़ी तादाद
Photo Credit: BCCL

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच सैन्‍य टकराव के बाद हालात अब तक सामान्‍य नहीं हो पाए हैं। इस मसले पर दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक संवाद के बीच अब एक बार फिरदोनों देशों के बीच सैन्‍य कमांडर स्‍तर की वार्ता होने वाली है। भारत और चीन के सैन्‍य कमांडर 6 जून (शनिवार) को इस मसले पर मिलकर बातचीत करेंगे और आपसी तनाव को दूर करने का प्रयास करेंगे। 

ले. जनरल हरिंदर सिंह करेंगे भारत की अगुवाई!

भारतीय सैन्‍य सूत्रों के अनुसार, भारत और चीन के बीच 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्‍तर की वार्ता होने वाली है। भारत की ओर से 14 कॉर्प्‍स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह अपने चीनी समकक्ष के साथ बातचीत करने वाले हैं। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बताया था कि भारत और चीन के बीच सीमा पर आपसी तनाव कम करने के लिए सैन्‍य स्‍तरीय वार्ता होगी, जिसमें दोनों ओर से वरिष्‍ठ सैन्‍य कमांडर्स हिस्‍सा लेंगे।

क्‍या बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह?

इस दौरान उन्‍होंने यह भी स्‍वीकार किया कि एलएसी पर चीनी सैनिकों की अच्‍छी खासी संख्‍या है। उन्‍होंने कहा, 'फिलहाल की जो घटना है, ये बात सच है कि सीमा पर इस समय चीन के लोग भी हैं... उनका दावा है कि 'हमारी सीमा यहां तक है।' भारत का यह दावा है कि हमारी सीमा यहां तक है। उसको लेकर एक मतभेद हुआ है और अच्‍छी खासी संख्‍या में चीन के लोग भी आ गए हैं। लेकिन भारत को भी अपनी तरफ से जो कुछ करना चाहिए, भारत ने भी किया है।'

आपसी तनाव के बीच हुई पीएम मोदी, ट्रंप की वार्ता

भारत और चीन के बीच यह सैन्‍य वार्ता ऐसे समय में होने जा रही है, जबकि आपसी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से भी बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत को अंतरराष्‍ट्रीय कूटनीति के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत-चीन सीमा व‍िवाद पर हस्‍तक्षेप की पेशकश की थी, जिसे चीन ने सिरे से खारिज कर दिया था, जबकि भारत ने कहा कि उसकी इस मसले पर चीन से बातचीत हो रही है।

LAC पर अतिरिक्‍त सैन्‍य बलों की तैनाती

यहां उल्‍लेखनीय है कि एलएसी पर भारत और चीन के बीच सैन्‍य टकराव मई की शुरुआत में हुआ था। इसके बाद फिर कई बार दोनों देशों के बीच सैन्‍य झड़पें हुई। बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों की ओर से सीमा पर अतिरिक्‍त सैन्‍य बलों की तैनाती की गई। चीन के साथ पिछले 25 दिनों से भी ज्‍यादा समय से जारी गतिरोध के बीच दोनों देशों द्वारा पूर्वी लद्दाख में अपने सैन्य अड्डों पर भारी उपकरण, तोप, युद्धक वाहनों के साथ-साथ हथियार प्रणालियों को पहुंचाने की भी सूचना है। भारत और चीन के बीच सैन्‍य कमांडर स्‍तरीय बातचीत के नए दौर से तनाव कम होने और आपसी विवादों को दूर करने की उम्‍मीद की जा रही है।

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