वैक्सीन की अलग-अलग डोज लेना कितना चिंताजनक? ये है जवाब, मिक्स एंड मैच के बारे में सोच रही सरकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 27, 2021, 07:48 PM IST

नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि अगर किसी को वैक्सीन की दोनों डोज अलग-अलग लग गई हैं तो चिंता का कोई कारण नहीं है, यह सुरक्षित है।

वैक्सीन की अलग-अलग डोज लेना कितना चिंताजनक? ये है जवाब, मिक्स एंड मैच के बारे में सोच रही सरकार

नई दिल्ली: हाल ही में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में  20 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज अलग-अलग दी गईं। इसके बाद काफी हंगामा मच गया। ये बेहद लापरवाही का मामला है। अब इस संबंध में सरकार की प्रतिक्रिया आई है। नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि ये कोई चिंता का विषय नहीं होना चाहिए।

डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'हमारा प्रोटोकॉल स्पष्ट है कि दी गई दोनों खुराक एक ही टीके की होनी चाहिए। इस मामले की जांच होनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ भी है तो यह चिंता का विषय नहीं होना चाहिए।' 

उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार, दूसरी खुराक वही हो जो वैक्सीन की पहली खुराक है। अगर लोगों को अलग-अलग खुराक मिल रही है तो चिंता का कोई कारण नहीं है, यह सुरक्षित है। हम परीक्षण के आधार पर मिक्स एंड मैच (वैक्सीन की खुराक) करने की सोच रहे हैं।

ये है मामला

सिद्धार्थनगर के बधनी क्षेत्र के 20 ग्रामीणों को कोविशील्ड की पहली खुराक दी गई थी। बाद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसी चूक की गई कि उन्हें दूसरी डोज के रूप में कोवैक्सिन दी गई। जिले के सीएमओ ने स्वीकार किया है कि कर्मचारियों की त्रुटि के कारण ऐसा हुआ। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि वैक्सीन लेने वालों की निगरानी की जा रही है और अभी तक किसी पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ा है। जिन ग्रामीणों ने टीका लिया था, वे यह जानकर डरे हुए हैं कि उन्होंने 'गलत' टीका ले लिया है। 

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