Adulterated sweets : खोए की बर्फी, काजू कतली, लड्डू समेत मिठाइयों में मिलावट की कैसे करें पहचान

देश
रामानुज सिंह
Updated Nov 09, 2020 | 18:56 IST

दिवाली त्योहार के मौके पर बाजार में मिठाइयों की भरमार हो जाती है। ऐसे में आप मिलावटी और नकली मिठाइयों की पहचान ऐसे कर सकते हैं।

How to identify adulteration of sweets including khoya ki barfi, Kaju Katli, laddu
मिठाइयां 

मुख्य बातें

  • दिवाली के मौके पर बाजार में मिठाइयों की बाढ़ हो जाती है
  • ऐसे में नकली और मिलावटी मिठाइयों से सावधान रहने की जरूरत है
  • मिलावटी मिठाइयों को आप कई तरह से पहचान सकते हैं

दिवाली का त्योहार देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी मनाया जा रहा है। इस मौके पर लोग मित्रों, रिश्तेदारों और अपने करीबियों को मिठाइयां भेंट के तौर पर दे रहे हैं। लेकिन दिवाली का पर्व आते हैं बाजार में मिठाइयों की बाढ़ आ जाती है। इस दौरान नकली मिठाइयों की भी सप्लाई शुरू हो जाती है। इसलिए खोये की बर्फी, काजू कटली, मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्ड्डू, काजू-पिस्ता,सोन पापड़ी  समेत विभिन्न तरह मिठाइयां खरीदते समय  ध्यान रखने की जरूरत है। कहीं आप मिलावटी मिठाई तो नहीं खरीद रहे हैं। त्योहारों के मौसम में मिलावटी मावे, नकली घी का गोरखधंधा धरल्ले से चलता है। 

  1. खोए की बर्फी
  2. काजू कतली
  3. काजू पिस्ता रोल
  4. मोतीचूर के लड्डू
  5. बेसन लड्ड्डू
  6. सोन पापड़ी 

कैसे मिठाइयों में मिलावट की जाती है?

मिठाईयां बनाने के लिए दूध, मावे और घी की जरूरत होती है, जिसकी मांग सबसे ज्यादा होती है। पाम ऑयल में केमिकल डालकर नकली घी तैयार किया जाता है। जो काफी सस्ता होता है। सिंथेटिक दूध से मावा तैयार किया जाता है। बाजार में डिमांड की पूर्ति के लिए मिलावटखोर मिठाइयों में सोडा, डिटरजेंट, कास्टिक सोडा, यूरिया और चरबी तक का इस्तेमाल करते हैं और बाजार में सप्लाई कर देते हैं। इस तरह मिलावटी मावे और मिठाईयां खाने से कई बार लोगों में उल्टी, दस्त, घबराहट जैसी समस्या पैदा हो जाती है और कई मामले में तो लोगों की मौत तक हो जाती है। मिठाई की दुकान में चमकीले बरक से लिपटी खूबसूरत मिठाइयां लोगों का आकर्षित करती हैं। मिठाइयों पर लगने वाला बरक चांदी का बना होता है। लेकिन मिलावटी मिठाइयों में एल्युमिनियम कैमिकल से बना बरक का यूज होता है। चांदी की बरक से एल्युमिनियम की बरक की कीमत काफी कम होती है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। जिसमें खोया का उपयोग नहीं होता है उसमें महंगे रेसिपी की जगह दूसरी चीजें मिलाई जाती है।  

मिलावट की पहचान करने के तरीके

  1. शुद्ध पनीर को हाथ से मसलते ही चिकनाई महसूस होने लगती हैं।
  2. शुद्ध पनीर खाने में भी मीठा लगता हैं। 
  3. देसी घी में अरबी सी चिकनाई होती हैं।
  4. देसी घी सामान्य तौर पर नहीं जमता हैं।
  5. अगर देसी घी जमा हुआ है तो मिलावटी की संभावना हो सकती है।
  6. चांदी की ऑरिजनल बरक हाथ से पकड़ते ही घुल जाती हैं। 
  7. एल्युमिनियम कैमिकल से बनी हुई बरक घुलती नहीं हैं।
  8. एल्युमिनियम कैमिकल की बरक हवा में उड़ती रहती हैं 
  9. एल्युमिनियम कैमिकल की बरक जलाने पर ठोस हो जाती हैं।
  10. मिलावटी मिठाईयों में सस्ते और हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।
  11. बाजार में मिलावटी मिठाईयों को जरूरत से ज्यादा सजाकर और आकर्षक बनाकर बेचा जाता है। 

खोए की बर्फी में मिलावट

खोए की बर्फी खाने में बेहद ही स्वादिष्ट होती हैं। खोए की बर्फी इलाइची पाउडर और खोया को मिलाकर तैयार की जाती है। इसमें खोया, चीनी, घी और इलाइची पाउडर और चीनी डाला जाता है। मिलावटी बर्फी में नकली खोया, नकली धी मिलाया जाता है। जो बेहद सस्ता होता है।  

काजू कतली में मिलावट 

काजू कतली को काजू बरफी भी कहते हैं। इसमें केसर, इलायची, पिसा हुआ काजू और चीनी डाला जाता है। मिलावटी काजू कतली में काजू, पिस्ता और केसर की जगह उसी रंग की दूसरी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

काजू पिस्ता रोल में मिलावट

काजू, पिस्ता, इलाइची पाउडर, शुगर क्यूब्स और गार्निशिंग के लिए सिल्वर लीफ डाला जाता है। मिलावटी काजू पिस्ता में उसी कलर का काजू और पिस्ता की जगह दूसरी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। 

मोतीचूर के लड्डू में मिलावट

घर पर ही मोतीचूर के लड्डू बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए अधिक मात्रा में देसी घी, बेसन और दूध का इस्तेमाल होता है। मिलावटी लड्डू में देसी धी और बेसन की जगह वनस्पति धी और मैदे या आटे का इस्तेमाल किया जाता है। 

बेसन लड्ड्डू में मिलावट

बेसन का लड्डू के लड्डू में सर्वाधिक बेसन का उपयोग किया जाता है। इसमें मीठा होने के लिए चीनी या गुड़ डालते हैं।  इसे भुनी हुई मूंगफली, काजू, पिस्ता और अखरोट के साथ मिला सकते हैं। इसके अलावा, आप प्रत्येक लड्डू के ऊपर घी भुनी हुई किशमिश से भी सजा सकते हैं। इसमें मिलावट करने के लिए आटे या मैदा का इस्तेमाल कर देते है।

सोन पापड़ी में मिलावट

सोन पापड़ी एक भारतीय मिठाई है। यह मिठाई बेसन से बनाई जाती है जो कि इस रेसिपी का सबसे जरूरी इंग्रेडियंट है। इसमें घी और पानी का इस्तेमाल किया जाता है।

अगर आपको नकली या मिलावटी मिठाईयों का संदेह हो तो संबंधित विभागों इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा आप मिठाई खरीदते समय दुकानों में मिठाइयों के डिब्बों पर 'बेस्ट बिफोर डेट' (Best Before Date) जरूर चेक करें। इससे पता चल जाएगा यह मिठाई कब बनकर तैयार हुई है। क्योंकि सरकार ने एक अक्टूबर 2020 से मिठाइयों के पैकेट पर बेस्ट बिफोर डेट लिखना अनिवार्य कर दिया है।

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