Cyclone Jawad : चक्रवात 'जवाद' का नाम कैसे पड़ा, ये कहां और कब आनेवाला है

Cyclone Jawad : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में पहुंच सकता है। जानिए इसका नाम कैसे पड़ा, ये कहां और कब आनेवाला है।

How cyclone 'Jawad' got its name, where and when it is going to come
कहर बरपा सकता है चक्रवात जवाद 
मुख्य बातें
  • चक्रवात जवाद से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का तटीय इलाका प्रभावित हो सकता है।
  • तूफान जवाद 4 दिसंबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के पास पहुंच सकता है।
  • इसकी रफ्तार 110 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।

Cyclone Jawad : भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि 3 दिसंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान के बनने की संभावना है।  इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ से निपटने की राज्यों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों पर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की और अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  ऐसी आशंका जताई गई है कि चक्रवात आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

कब और कहां आएगा तूफान 'जवाद'

आईएमडी के अनुसार, चक्रवाती तूफान के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और तेज होने और 4 दिसंबर की सुबह के आसपास उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों के पास पहुंचने की संभावना है। आईएमडी ने 4 दिसंबर की शाम से आंध्र प्रदेश के उत्तर तटीय और ओडिशा में दक्षिण तटीय अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा के साथ कई स्थानों पर हल्की वर्षा की भविष्यवाणी की है। 

3 दिसंबर की सुबह से मध्य बंगाल की खाड़ी में 65-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं की गति 85-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है और धीरे-धीरे 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम और 4 दिसंबर की सुबह से अगले 24 घंटों के लिए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने की संभावना है।

3 दिसंबर की मध्यरात्रि से उत्तर आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तटों के साथ-साथ 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा की गति 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है और सुबह से अगले 12 घंटों में धीरे-धीरे 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

चक्रवात तूफान का नाम ‘जवाद’ कैसे पड़ा?

जवाद नाम सऊदी अरब के सुझाव के अनुसार है और अरबी में इसका अर्थ उदार या दयालु होता है। अपने नाम की तरह, सिस्टम के अपने पूर्ववर्तियों की तरह विनाशकारी होने की संभावना नहीं है।

जरूरी सेवाओं को तत्काल बहाल करने का निर्देश

पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाने, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य और पेय जल जैसी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करने व इनमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर उन्हें तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के साथ ही चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया।

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