Amit Shah in Hospital: गृहमंत्री अमित शाह एम्स में भर्ती, कुछ दिन पहले कोरोना निगेटिव होने की दी थी जानकारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 18, 2020, 12:43 PM IST

Amit Shah in AIIMS Hospital: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एम्स में भर्ती कराया गया है। एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

Amit Shah in Hospital: गृहमंत्री अमित शाह एम्स में भर्ती, कुछ दिन पहले कोरोना निगेटिव होने की दी थी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एम्स में भर्ती कराया गया है। एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया की टीम उनकी निगरानी कर रही है। हाल ही में उन्होंने कोरोना निगेटिव होने की जानकारी दी थी। 2 अगस्त को अमित शाह ने ट्वीट के जरिए कोरोना पॉजिटिव होने की भी जानकारी दी थी। हल्के बुखार की शिकायट के बाद उन्हें भर्ती कराया गया है। इस संबंध में एम्स के मीडिया और प्रोटोकॉल डिविजन ने जानकारी दी है। अमित शाह की रिपोर्ट जिस दिन निगेटिव आई थी उन्होंने कहा था कि जिस तरह से मेदांता के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ ने अपनी जिम्मेदारी निभाई वो सभी लोग सराहना के पात्र हैं। 

2 अगस्त को हुए थे कोरोना संक्रमित
गृह मंत्री अमित शाह 2 अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। उन्होंने ट्वीट में यह जानकारी दी थी कि उनकी तबीयत तो ठीक है लेकिन डॉक्‍टर्स के कहने पर उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया जा रहा है। शाह ने कहा कि शुरुआती लक्षण दिखने पर उन्‍होंने टेस्‍ट कराया था और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है,उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी सेहत और जल्दी रिकवरी के लिए तमाम मैसेज सर्कुलेट होने लगे, इसमें तमाम राजनेताओं के अलावा समाज के तमाम तबकों के मैसेज भी आए।



संपर्क में आए लोगों से जांच कराने की अपील की थी
गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी रिपोर्ट आने के बाद लोगों से अनुरोध किया जो भी पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में आएं हों, वे खुद को अलग  थलग कर अपनी जांच कराएं, उन्होंने कहा मेरी तबीयत ठीक है परन्तु डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूँ।

मेरा अनुरोध है कि आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आयें हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएं। अमित शाह ने इसके साथ कहा था कि इस बीमारी से डरने की जगह हिम्मत से सामना करने की आवश्यकता है। केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में बेहतर काम कर रही है। जब तक कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने वाली वैक्सीन नहीं आ जाती है ऐहतियात ही सबसे बेहतर उपाय है। 

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