Arnab Goswami की अर्जी पर 'सुप्रीम' सुनवाई, महाराष्ट्र विधानसभा के विशेषाधिकार हनन का है मामला

विशेषाधिकार हनन के मामले के खिलाफ रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी है।

Arnab Goswami की अर्जी पर 'सुप्रीम' सुनवाई, महाराष्ट्र विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का है मामला
सुप्रीम कोर्ट में अर्नब गोस्वामी की अर्जी पर सुनवाई 

मुख्य बातें

  • महाराष्ट्र विधानसभा ने अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस किया है जारी
  • स्पीकर के फैसले के खिलाफ अर्नब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में की है अपील
  • सुशांत सिंह राजपूत केस में रिपोर्टिंग के तरीके पर ब्रीच ऑफ प्रिविलेज का नोटिस किया गया था जारी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को अर्नब गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई करेगा। बता दें सुशांत सिंह राजपूत की मौत केस में जिस तरह से रिपोर्टिंग की गई थी उसके खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यही नहीं अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव शुरू किया गया था। ।

विशेषाधिकार हनन के खिलाफ अर्जी
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि जिस तरह से अर्नब गोस्वामी ने टीवी बहस के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बिना किसी सबूत बयानबाजी की उससे विधायक के विशेषाधिकार का हनन हुआ है और लिहाजा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस मामले में  मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ( जस्टिस ए एस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यन )शामिल को गोस्वामी के वकील ने बताया कि इसे विशेषाधिकार का हनन नहीं माना जा सकता है क्योंकि रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक को 5 नवंबर को विधानसभा के समक्ष बुलाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में 30 सितंबर को हुई थी सुनवाई
गोस्वामी के वकील ने कहा कि बाद में पता चला कि इस मामले में अब विशेषाधिकार समिति का गठन किया गया है और स्पीकर की ओर से नोटिस जारी किया गया है, हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि विधानसभा द्वारा समन करने में कुछ भी गलत नहीं है लेकिन यदि विशेषाधिकार समिति द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है तो आप इसे चुनौती दे सकते हैं।

अर्नब गोस्वामी ने 6 नवंबर की मांगी थी तारीख
अदालत ने कहा कि याची की प्रार्थना पर इस मामले को 6 नवंबर, 2020 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। इस बीच, याचिकाकर्ता (गोस्वामी) को आवश्यक हलफनामा दाखिल करने के लिए निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने 30 सितंबर को गोस्वामी की याचिका पर महाराष्ट्र विधानसभा सचिव से जवाब मांगा था। गोस्वामी के वकील ने पहले पीठ को बताया था कि पत्रकार ने विधानसभा या विधानसभा में से किसी भी समिति की कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं किया है। बता दें कि 34 वर्षीय राजपूत को 14 जून को मुंबई में उपनगरीय बांद्रा में अपने अपार्टमेंट की छत से लटका पाया गया था। सीबीआई मामले की जांच कर रही है।

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