केंद्र पर बरसी मोदी सरकार की पूर्व मंत्री हरसिमरत, बोलीं- पहले हाथ जोड़े, अब दिल्ली की दीवारें हिला देंगें

देश
किशोर जोशी
Updated Sep 24, 2020 | 19:41 IST

मोदी सरकार से इस्तीफा देने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि विधेयकों का जोरदार तरीके से विरोध किया है। उन्होंने कहा कि हम पहले हाथ जोड़ते थे, लेकिन अब हम दिल्ली की दीवारें हिला कर रहेंगे।

Harsimrat Kaur Badal attacks on central Govt for Agriculture bills
पहले हाथ जोड़े, अब दिल्ली की दीवारें हिला देंगें- हरसिमरत 

मुख्य बातें

  • केंद्र सरकार पर बरसीं मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देने वाली हरसिमरत कौर बादल
  • कृषि विधेयकों के विरोध में आर पार की लड़ाई के मूड में है अकाली दल
  • हरसिमरत ने हाल ही में कृषि विधेयकों के विरोध में दिया था केंद्र सरकार से इस्तीफा

नई दिल्ली:  कुछ दिन पहले कृषि विधेयकों के विरोध में केंद्र सरकार से इस्तीफा देने वाली अकाली दल नेता हरसिमरत कौर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कृषि विधेयकों को लेकर उपजे असंतोष पर अब अकाली दल आर- पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुका है। हरसिमतकौर ने गुरुवार को  पंजाब के तलवंडी में किसानों के समर्थन में सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम पहले हाथ जोड़ते थे, लेकिन अब हम दिल्ली की दीवारें हिला कर रहेंगे।

केंद्र पर निशाना

दमदमा साहिब में अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मत्था टेकने पहुंची हरसिमत कौर बादल ने यहां अपनी पार्टी के समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अकाली दल केंद्र सरकार से किसी भी सूरत में सहमत नहीं है और वह किसानों के साथ में है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाबी कौम देश के लिए जान कुर्बान कर सकती हैं तो वह अपना हक पाने के लिए कुछ भी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह इन विधेयकों को लेकर पीएम के सामने तक अपना विरोध दर्ज करा चुकी हैं।

मोदी सरकार में अकाली दल से एकमात्र कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने हाल ही में कृषि विधेयकों का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 

बादल ने कही ये बात

इससे पहले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने संसद द्वारा पारित कृषि विधेयकों पर राष्ट्रपति से अपनी सहमति नहीं देने और इन्हें पुनर्विचार के लिए संसद को लौटाने का रविवार को अनुरोध किया था। बादल ने कहा कि विधेयकों का पारित होना देश में लोकतंत्र और करोड़ों लोगों के लिए दुखद दिन है। राज्यसभा द्वारा तीन में से दो विधेयकों को पारित किये जाने के शीघ्र बाद शिअद नेता ने एक बयान में कहा, ‘लोकतंत्र का अर्थ है आम सहमति, बहुमत में मौजूद लोगों द्वारा दमन नहीं।’

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