चीन के खिलाफ IAF को मिला  HAL का साथ, लेह में तैनात हुए दो हल्के हेलिकॉप्टर

HAL produced Helicopters deployed in Leh: चीन के खिलाफ भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को अब हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का भी साथ मिल गया है। एचएएल द्वारा बनाए गए दो हेलिकॉप्टरों की तैनाती लेह में हुई है।

HAL produced two Light Combat Helicopters deployed in Leh sector to support IAF
लेह सेक्टर में तैनात हुए एचएएल द्वारा निर्मित हल्के हेलिकॉप्टर।  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • चीन के खिलाफ अपनी तैयारियों को और पुख्ता बना रही वायु सेना
  • एचएएल के दो हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर लेह सेक्टर में हुए हैं तैनात
  • लद्दाख के एयरबेस पर पहले से मौजूद हैं भारत के जंगी जहाज

नई दिल्ली : लद्दाख और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की चालबाजी को जवाब देने के लिए भारत ने पूरी तैयारी की हुई है। लेह और लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों पर चीन की हरकत पर नजर रखने के लिए भारतीय वायु सेना तो पहले से तैयार है। अब लेह के पहाड़ो की अत्यंत ऊंचाई वाले स्थानों पर अपनी पहुंच बनाने के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा बनाए गए हेलिकॉप्टरों से भी मदद मिलेगी। एचएएल द्वारा विकसित ऐसे दो हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की तैनाती लेह सेक्टर ऊंचाई वाले स्थानों पर की गई है। इन हल्के लड़ाकू विमानों की तैनाती के बाद से लेह में आईएएफ की सामरिक क्षमता में और इजाफा हो गया है।    

एचएएल ने ट्वीट कर दी तैनाती की जानकारी
लेह सेक्टर में अपने दो हेलिकॉप्टरों की तैनाती की जानकारी एचएएल ने अपने एक ट्वीट के जरिए दी। एचएएल ने अपने ट्वीट में कहा, 'भारतीय वायु सेना की मदद करने के लिए शॉर्ट नोटिस पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की ओर से तैयार किए गए दो हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टरों (एलसीएच) की तैनाती लेह सेक्टर की ऊंची पहाड़ियों पर हुई है।'

एचएएल ने बनाया सबसे हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर
एचएएल के सीएमडी आर माधवन ने बुधवार को कहा, 'यह दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर है। भारतीय सशस्त्र बलों की खास जरूरतों को पूरा करने के लिए एचएएल ने इस हेलिकॉप्टर का निर्माण किया है। एचएएल की यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत अभियान की भावना को भी प्रदर्शित करती है।'

आईएएफ की मदद करेंगे ये हेलिकॉप्टर
लेह की ऊंची पहाड़ियों पर हल्के हेलिकॉप्टरों की तैनाती से यहां के दुर्गम इलाकों की निगरानी करने में आईएएफ को काफी मदद मिलेगी। हल्के हेलिकॉप्टर उन सकरी एवं दुर्गम पहाड़ियों के बीच अपने अभियान को पूरा कर सकते हैं जहां पर बड़े हेलिकॉप्टरों या लड़ाकू जहाजों को भेजने में जोखिम होता है। जाहिर है कि लेह में इन हल्के हेलिकॉप्टरों की तैनाती से वायु सेना को अपना अभियान चलाने में मदद मिलेगी।

चीन को जवाब देने के लिए आईएएफ तैयार
सीमा एवं एलएसी पर चीन की तैयारियों को देखते हुए और उसकी किसी हरकत का जवाब देने के लिए वायु सेना ने अपनी तैयारी पहले से कर रखी है। वायु सेना ने लद्दाख के एयरबेस पर अपने लड़ाकू विमानों को तैनात कर चुकी है। पिछले महीने वायु सेना ने यहां अपना रात्रिकालीन अभ्यास पूरा किया। एलएसी की निगरानी करने वाले वायु सेना के ठिकाने पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। यही नहीं, फ्रांस से आए पांच अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल इन दिनों हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में अपना रात्रिकालीन अभियान चला रहे हैं।    

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