कांग्रेस से हाथ मिलाकर पछताए कुमारस्वामी, बोले- पिता की भावनाओं के चलते जाल में फंसकर सब गंवा दिया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 6, 2020, 02:38 PM IST

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि कांग्रेस से गठबंधन सरकार बनाकर उनकी पार्टी ने जनता के बीच भरोसा खो दिया। उन्होंने कहा कि वह जाल में फंस गए थे।

कांग्रेस से हाथ मिलाकर पछताए कुमारस्वामी, बोले- पिता की भावनाओं के चलते जाल में फंसकर सब गंवा दिया

बेंगलुरु: जद (एस) नेता एच डी कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस से हाथ मिलाकर तथा गठबंधन सरकार बनाकर पार्टी ने राज्य की जनता के बीच बनाया तथा 12 साल तक बरकरार रखा गया भरोसा खो दिया। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि वह ''जाल'' में फंस गए थे। उन्होंने कांग्रेस नेता सिद्धारमैया पर षड़यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने भी उन्हें इतना बड़ा 'धोखा' नहीं दिया।

कांग्रेस से हाथ नहीं मिलना चाहिये था- कुमारस्वामी
सिद्धारमैया ने पलटवार करते हुए कहा कि कुमारस्वामी ''झूठ बोलने में'' माहिर हैं और आंसू बहाना उनके परिवार की पुरानी आदत है। कुमारस्वामी ने मैसूर में पत्रकारों से कहा, 'मैने 2006-07 में (मुख्यमंत्री के तौर पर) राज्य की जनता का जो भरोसा हासिल किया था और जिसे 12 साल तक बरकरार रखा था वह कांग्रेस से हाथ मिलाकर खो दिया।' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कांग्रेस से हाथ नहीं मिलना चाहिये था, जिसने जद (एस) को भाजपा की 'बी' टीम कहकर उसके खिलाफ अभियान चलाया था। लेकिन पार्टी सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के रुख की वजह से वह गठबंधन सरकार बनाने के लिये राजी हुए थे।

पापा की भावनाओं के चलते फंस गया
उन्होंने कहा, 'मेरी पार्टी को अपनी मजबूती खोकर उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है...मैं देवगौड़ा की भावनाओं के चलते जाल में फंस गया था, जिसका खामियाजा स्वतंत्र रूप से 28-40 सीटें जीतने वाली मेरी पार्टी को बीते तीन साल में हुए चुनाव के दौरान भुगतना पड़ा है।' कुमारस्वामी ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह देवगौड़ा को इसका दोष नहीं दे रहे हैं क्योंकि वह धर्मनिरपेक्ष पहचान के प्रति अपने पिता की आजीवन प्रतिबद्धता को समझते तथा उसका सम्मान करते हैं।

बने थे सीएम
गौरतलब है कि 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जब किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था तो एक -दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस - जद(एस) ने मिलकर सरकार बनाई थी और कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। दोनों पार्टियों ने पिछले साल साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसके बाद गठबंधन में आंतरिक मतभेद पैदा हो गए तथा कुछ विधायकों की बगावत के चलते गठबंधन सरकार गिर गई।

झूठ बोलने में माहिर हैं कुमारस्वामी- सिद्धारमैया
कुमारस्वामी के आरोपों पर पटलवार करते हुए सिद्धारमैया ने आरोप लगाया, 'कुमारस्वामी झूठ बोलने में माहिर हैं, वह राजनीति की खातिर हालात के मुताबिक झूठ बोल सकते हैं। जद (एस) को 37 सीटें मिलने के बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री बनाना क्या हमारी गलती थी?'

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