बाप का कांधा बना कोरोना शिकार बेटी के लिए अर्थी, लाचारी में सबने छोड़ दिया था साथ

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 15, 2021, 06:44 PM IST

अब इसे संवेदनहीनता नहीं कहेंगे तो क्या कहना चाहिए। जालंधर में आर्थिक तौर कमजोर एक शख्स को कोविड शिकार बेटी के लिए खुद के कांधे को अर्थी बनानी पड़ गई क्योंकि इलाके के लोग मदद के लिए आगे नहीं आए।

बाप का कांधा बना कोरोना शिकार बेटी के लिए अर्थी, लाचारी में सबने छोड़ दिया था साथ

चंडीगढ़। एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक गरीब व्यक्ति ने अपनी 11 वर्षीय बेटी के शव को अपने कंधों पर उठाकर जालंधर शहर में कब्रगाह ले गया। उसकी मौत कोविड-19 के कारण हुई थी।शव ले जाने वाले शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

गरीबी पड़ी भारी, बाप ने कांधे को बनाया अर्थी
दिलीप नाम के शख्स ने मीडिया को बताया कि पिछले रविवार को उसकी बेटी की मौत हो गई थी।उन्होंने कहा कि वीडियो सोमवार का है जब वह अपने बेटे के अंतिम संस्कार के लिए कब्रिस्तान गए थे।उन्होंने कहा, "मैं एक गरीब आदमी हूं। चूंकि कोई भी उसके दाह संस्कार में मेरी आर्थिक मदद के लिए आगे नहीं आया, इसलिए मैंने उसके शव को अपने कंधे पर ले जाने का फैसला किया।"

पीड़ित शख्स की जुबानी
मेरी बेटी का अमृतसर में इलाज चल रहा था, उसकी मृत्यु के बाद शव को चादर में लपेटकर मुझे सौंप दिया गया। मैं शव को यहां (जालंधर) दाह संस्कार के लिए लाया। किसी की मदद से जिसने मुझे 1,000 रुपये दिए, मैंने उसका अंतिम संस्कार किया।"एक दिन पहले, हिमाचल प्रदेश में अपने कंधे पर दाह संस्कार के लिए अपनी मां के शव को ले जाने वाले एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी भी कोविड -19 के कारण मृत्यु हो गई थी।वह व्यक्ति कांगड़ा जिले के धर्मशाला से लगभग 30 किलोमीटर दूर रानीताल शहर के पास भंगवार गांव का था।

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