आज भूख हड़ताल पर रहेंगे किसान, सरकार की किसानों से अपील- वार्ता फिर शुरू करें

देश
Updated Dec 21, 2020 | 06:00 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

केंद्र सरकार ने आंदोलनरत किसान नेताओं से अपील की है कि वार्ता फिर से शुरू की जाए। किसान संगठनों के 39 प्रतिनिधियों को पत्र भेजा गया है। अब तक 5 दौर की बातचीत हो चुकी है। आखिरी वार्ता 5 दिसंबर को हुई थी।

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26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन जारी  |  तस्वीर साभार: AP

मुख्य बातें

  • सरकार की आंदोलनरत किसान नेताओं से अपील, वार्ता फिर शुरू करें
  • सरकार ने किसान संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया
  • किसानों ने आंदोलन को तेज करने का फैसला किया है

नई दिल्ली: केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में अपने आंदोलन को तेज करते हुए किसान सभी प्रदर्शन स्थलों पर आज एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में रविवार को कहा, 'सोमवार को किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ सभी प्रदर्शन स्थलों पर एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। इसकी शुरुआत सिंघू बॉर्डर समेत यहां प्रदर्शन स्थलों पर 11 सदस्यों का एक दल करेगा। हम देशभर में सभी प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद सभी लोगों से इसमें भाग लेने की अपील करते हैं।'

सरकार ने बातचीत के लिए किसानों को आमंत्रित किया

वहीं इस बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है और कहा है कि वे इसकी तिथि तय करें। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने इस संदर्भ में किसानों के संगठनों को एक पत्र लिखा है। किसानों से वार्ता के लिए सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में मंत्रिस्तरीय एक समिति गठित की थी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सोमप्रकाश इसके सदस्य हैं। सरकार से किसानों की अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है जो विफल रही है। किसानों के संगठनों की एक बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बैठक हो चुकी है, लेकिन उसका नतीजा भी शून्य रहा है।

'मन की बात के दौरान बजाएं थाली'

रविवार को किसानों ने घोषणा की कि 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी राजमार्गों पर टोल वसूली नहीं करने देंगे। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला ने बताया कि 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी टोल बूथ पर हम टोल वसूली नहीं होने देंगे, हम उन्हें ऐसा करने से रोकेंगे। 27 दिसंबर को हमारे प्रधानमंत्री अपने 'मन की बात' करेंगे और हम लोगों से अपील करना चाहते हैं कि उनके भाषण के दौरान थालियां बजाएं। 

वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाएंगे। हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि इस दिन वे दोपहर का भोजन न पकाएं।

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