निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद जम्मू- कश्मीर में होंगे चुनाव: जेपी नड्डा

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Updated Sep 16, 2019 | 00:51 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि जम्मू- कश्मीर में परिसीमन के बाद ही चुनाव कराए जाएंगे।

JP Nadda
जेपी नड्डा  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • जम्मू कश्मीर अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने दिया बयान
  • सार्वजनिक कार्यक्रम में बोले जेपी नड्ड- परिसीमन के बाद होंगे जम्मू कश्मीर में चुनाव
  • कहा- अनुसूचित जनजाति की सीटें गुर्जरों और बकरवालों के लिए आरक्षित होंगी सीटें

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही होंगे। जेपी नड्डा ने कहा, 'जम्मू- कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसमें एक विधायिका भी होगी। चुनाव होंगे। लेकिन इससे पहले, निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन होगा। अनुसूचित जनजाति की सीटें गुर्जरों और बकरवालों के लिए भी आरक्षित होंगी।'

जेपी नड्डा ने ठाणे में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। जेपी नड्डा ने कहा कि धारा 370 भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की गलती थी। जेपी नड्डा ने कहा कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की, लेकिन 100 से अधिक देशों के राजनयिकों ने भारत के इस रुख का समर्थन किया कि जम्मू-कश्मीर देश का आंतरिक मुद्दा है और आगे भी रहेगा।

गौरतलब है कि पिछले महीने केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द कर दिया था, जिसके चलते जम्मू- कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था। इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों - लद्दाख और जम्मू कश्मीर में विभाजित किया गया था। इनमें से जम्मू कश्मीर के पास अपनी विधायिका और विधानसभा भी होगी। ऐसे में जम्मू कश्मीर में चुनाव कराए जाने हैं लेकिन फिलहाल जम्मू कश्मीर हालातों को स्थिर और बिल्कुल शांत करने पर जोर दिया जा रहा है।

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ सभी विशेष अधिकारों समाप्त कर दिया गया था। जम्मू कश्मीर का अलग झंडा भी अब अस्तित्व में नहीं है। फिलहाल केंद्र सरकार जम्मू- कश्मीर में तेजी से विकास कार्य कराने पर जोर दे रही है ताकि लोगों परिवर्तन के सकारात्मक पहलू नजर आएं और उन्हें नौकरियां मिल सकें।

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