ED के पास हैं ये 5 बड़े केस, विपक्ष के इन नेताओं पर सीधा असर

देश
प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Jul 29, 2022 | 12:47 IST

ED Cases Against Opposition Leaders: इस समय ईडी की कार्रवाई का सामना कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पी.चिदंबरम, से लेकर बंगाल में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला, आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन से लेकर महाराष्ट्र में एनसीपी नेता अनिल देशमुख, नवाब मलिक आदि कर रहे हैं।

ED Cases against opposition leaders
ईडी का बढ़ता शिकंजा  |  तस्वीर साभार: BCCL
मुख्य बातें
  • बंगाल में शिक्षक भर्ती और शारदा घोटाला ममता बनर्जी के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं।
  • नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से ईडी पूछताछ कर रही है।
  • जम्मू कश्मीर क्रिकेट घोटाला में फारूक अब्दुल्ला पर भी शिकंजा कसता जा रहा है।

ED Cases Against Oppostition Leaders: इस समय पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक प्रवर्तन निदेशालय (ED)की चर्चा है। और इस शिकंजे में कई विपक्षी दलों के नेता हैं। नाम भी काफी बड़े-बड़े हैं, मसलन कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी से लेकर बंगाल में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला, आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन से लेकर महाराष्ट्र में एनसीपी नेता अनिल देशमुख, नवाब मलिक जैसे विपक्षी दलों की लंबी फेहरिस्त है। आज हम आपको ऐसी कुछ केस के बारे में बता रहे हैं, जिसके शिकंजे में कई विपक्षी नेता फंसे हैं..

1. बंगाल में शिक्षक भर्ती और शारदा घोटाला

इस समय ईडी के एक्शन की सबसे ज्यादा चर्चा बंगाल में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी पर हो रही है कार्रवाई को लेकर है। ईडी की कार्रवाई में अर्पिता के घर से अब तक 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी मिल चुकी है। और हालात ऐसे हो गए हैं कि ममता बनर्जी को अपने बेहद करीबी पार्थ चटर्जी को न केवल मंत्री पद से हटाना पड़ा है बल्कि वह पार्टी से भी निलंबित हो गए हैं।

इसी तरह बंगाल में ममता बनर्जी के लिए शारदा घोटाला भी समस्या बना हुआ है।   साल 2013 में शारदा समूह के चिटफंड घोटाले के खुलासे ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया था। इस घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के नाम सामने आ गए थे। और उसके बाद  रोजवैली समेत कई समूहों के घोटाले सामने आए। राज्य सरकार की जांच टीम ने शारदा समूह के प्रमुख सुदीप्त सेन और उनकी सहोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था। ईडी और सीबीआई पिछले 8 साल से इस केस की जांच कर रही हैं। इसी केस में ममता सरकार में तत्कालीन मंत्री मदन मित्र को गिरफ्तारी कर लिया गया था। इसके अलावा सांसद मुकुल राय को भी सीबीआई की पूछताछ का सामना करना पड़ा था। बाद में मुकुल राय भाजपा में शामिल हो गए, हालांकि अब फिर से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। तृणमूल कांग्रेस के कई नेता रडार पर हैं।

2.नेशनल हेराल्ड केस

नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की पूछताछ अब गांधी परिवार तक पहुंच चुकी है। ईडी पहले राहुल गांधी और अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से  पूछताछ कर रही है। मामला 'यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' नाम की नई कंपनी और एजेएल को हुई डील का है। यंग इंडिया में सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया था। नई कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 76 प्रतिशत शेयर थे जबकि बाकी के 24 प्रतिशत शेयर अन्य निदेशकों के पास थे। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने इस कंपनी को 90 करोड़ रुपए बतौर कर्ज दिया। और बाद में यंग इंडिया ने 'एजेएल' का अधिग्रहण कर लिया। जिसको लेकर मनीलांड्रिंग का केस चल रहा है।

मोती लाल वोरा का क्या है कनेक्शन, जिनका सोनिया और राहुल ईडी की पूछताछ में ले रहे हैं नाम

इसी तरह आईएनएक्स मीडिया केस में ईडी ने साल 2017 में पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम  के बेटे कार्ती चिदंबरम के खिलाफ केस दायर किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि सन 2007 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे तब उन्होंने पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी की कंपनी आईएनएक्स मीडिया को मंज़ूरी दिलाई। इसके बाद कंपनी में कथित रूप से 305 करोड़ का विदेशी निवेश आया। मात्र 5 करोड़ के निवेश की अनुमति मिली थी लेकिन आईएनएक्स मीडिया में 300 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ। आरोप है कि इस डील में चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने रिश्वत ली थी।

3. जम्मू कश्मीर क्रिकेट घोटाला

नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर भी ईडी  ने  पूरक आरोप पत्र दायर कर दिया है। मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में हुए घोटाले का है। इस मामले में फारुक अब्दुल्ला और दूसरे आरोपियों से कई बार पूछताछ हो चुकी है। मामला 2002 से लेकर 2012 के बीच का है। जिस वक्त घोटाला हुआ, उस वक्त फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और राज्य के मुख्यमंत्री थे। इस दौरान केन्द्र सरकार ने जम्मू -कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के जरिए राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए113 करोड़ रुपये का फंड मुहैया कराया गया था। लेकिन आरोप है कि उस फंड में बड़ी राशि का कहीं और इस्तेमाल किया गया।

4. हवाला केस

 जुलाई में ईडी ने आप नेता और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ईडी का मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई द्वारा 2017 की एफआईआर पर आधारित है। सीबीआई की शिकायत में कहा गया है कि जैन चार कंपनियों को मिले फंड के स्रोत के बारे में नहीं बता सके, जिसमें वह एक शेयरधारक थे। इस साल अप्रैल में, ईडी ने सत्येंद्र जैन और उनके रिश्तेदारों से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। 

5.दाउद संपत्ति का मामला

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ ED ने 5 हजार पेज की चार्जशीट दायर कर रखी है। यह मामला ​​​​​डॉन दाऊद इब्राहिम के परिवार से जमीन खरीदने से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष PMLA अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मलिक को 23 फरवरी को ईडी ने गिरफ्तार किया था, फिलहाल वे मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। मलिक पर दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ मिलकर मुंबई के कुर्ला में संपत्ति को हड़पने के लिए एक आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में मलिक के खिलाफ भी जांच हो रही है।

Times Now Navbharat पर पढ़ें India News in Hindi, साथ ही ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें ।

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर