पूरा देश इस समय कोरोना महामारी के दूसरी लहर का सामना कर रहा है, आंध्र प्रदेश उनमें से एक है। आंध्र प्रदेश में 3567 डॉक्टरों ने खुद पहल करते हुए ऑनलाइन लोगों से रूबरू होने का फैसला किया है और खुद को पंजीकृत कराया है। 104 टेलीकंसलटेशन के नोडल ऑफिसर बाबू अहमद ने कहा कि इस हेल्पलाइन पर सातों दिन 24 घंटे लोग टेस्टिंग, ट्रीटमेंट, वैक्सीन और हॉस्पिटल के बारे में जानकारी ले सकते हैं और उन्हें जानकारी दी जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर के जरिए कंसलटेशन
आज की तारीख तक हनमे 22 हजार से ज्यादा मरीजों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया है। बाबू अहमद बताते हैं कि मरीजों को शीघ्र सलाह देने के साथ साथ गंभीर लोगों को अस्पताल तक ले जाने की व्यवस्था भी की जाती है। आंध्र प्रदेश सरकार का कहना है कि अभी हम उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रहे जो रिमोट इलाके में उन्हें तत्काल किसी तरह की सुविधा नहीं मिल पाती है। हेल्पलाइन के शुरू होने के बाद गरीब तबके के लोगों के साथ साधन संपन्न लोगों को भी मदद मिली है, हमारा लक्ष्य अस्पतालों पर पड़ रहे बोझ को कम करना है और निश्चित तौर पर उसका फायदा भी मिल रहा है। 
Corona Epidemic: हजारों की संख्या में आंध्र प्रदेश में डॉक्टर बने फरिश्ता, नाज है
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated May 7, 2021, 06:41 AM IST
कोरोना महामारी के इस दौर में जहां कुछ लोग आपदा में अवसर देख रहे हैं वहीं, आंध्र प्रदेश में हजारों की संख्या में डॉक्टर फरिश्ता बन कर लोगों की सेवा कर रहे हैं।
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