'हमारी LED के बिना काली हो जाएगी दिवाली', PM मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' का चीन ने उड़ाया मजाक 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 13, 2020, 09:41 AM IST

वोकल फॉर लोकल' अपील की आलोचना करते हुए अखबार ने लिखा है कि पीएम मोदी की इस अपील का असर नहीं हो रहा है। उनकी इस अपील के बावजूद भारतीय कारोबारी एवं उपभोक्ता चीन से बड़ी मात्रा में एलईडी लाइट्स खरीद रहे हैं।

'हमारी LED के बिना काली हो जाएगी दिवाली', PM मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' का चीन ने उड़ाया मजाक 
Photo Credit: PTI

नई दिल्ली : चीन के मुखपत्र 'ग्लोबल टाइम्स' ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' मुहिम का मजाक उड़ाया है। अपने एक लेख में उसने कहा है कि दिवाली के मौके पर उसके एलईडी वल्बों की मांग भारत में बढ़ गई है। उसकी कंपनियां भारत की मांग पूरी करने के लिए दिन रात काम कर रही हैं। यह ऐसे समय हो रहा है जब पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों ने 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने और स्थानीय वस्तुओं की खरीदारीं करने की अपील की है। 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिवाली जो कि प्रकाश का पर्व है लेकिन चीन के एलईडी वल्बों के बिना 'काली दिवाली' साबित होगी।

'वोकल फॉर लोकल' की आलोचना की 
'वोकल फॉर लोकल' अपील की आलोचना करते हुए अखबार ने लिखा है कि पीएम मोदी की इस अपील का असर नहीं हो रहा है। उनकी इस अपील के बावजूद भारतीय कारोबारी एवं उपभोक्ता चीन से बड़ी मात्रा में एलईडी लाइट्स खरीद रहे हैं। और यह मांग इतनी बड़ी है कि चीनी कंपनियों को आपूर्ति करने में समस्या आ रही है। इससे निपटने के लिए चीनी कंपनियां दिन-रात काम कर रही हैं।

समाचार पत्र ने ग्वांगडोंग प्रांत में इलेक्ट्रानिक सामानों की फैक्टरी चलाने वाले सेल्स मैनेजर वांग के हवाले से कहा है कि दिवाली के समय पर ऑर्डर की आपूर्ति करने के लिए कंपनी अक्टूबर महीने से अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रही है। सेल्स मैनेजर का कहना है कि बड़े पैमाने पर उत्पादों का निर्माण होने से लागत कम आती है।


चीनी उत्पादों की मांग में कमी नहीं
'ग्लोबल टाइम्स' का कहना है कि चीन निर्मित इलेक्ट्रानिक्स सामानों पर निर्भरता कम करने के लिए भारत सरकार ने गत अप्रैल महीने में कदम उठाए लेकिन इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की मांग में कमी नहीं आई है। रिपोर्ट में 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' के हवाले से कहा गया है कि दिवाली के मौके पर भारत एलईडी वल्बों का बड़ी मात्रा में चीन से आयात करता आया है। भारत की आयात की यह रकम 13.4 करोड़ डॉलर है। 

'...तो काली हो जाएगी दिवाली'
शिंघुआ यूनिवर्सिटी में नेशनल स्ट्रेटजी इंस्टीट्यूट के रिसर्च विभाग के निदेशक क्वेन फेंग का कहना है कि मोदी सरकार ने चीनी सामानों पर निर्भरता कम करने के लिए त्योहारों के मौकों पर लोगों से स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी करने की अपील की है लेकिन चीनी वस्तुओं की कीमत कम एवं उनकी गुणवत्ता बेहतर होने से भारतीय उपभोक्ताओं में चीन निर्मित वस्तुओं की मांग काफी ज्यादा है। क्वेंग ने आगे कहा कि भारत में दिवाली प्रकाश का पर्व है लेकिन चीन के एलईडी वल्बों के बिना यह दीपावली 'काली' हो जाएगी।

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