Sanjay Raut के साथ होटल में हुई 'गुप्त' बैठक पर फडणवीस ने दी सफाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 27, 2020, 03:42 PM IST

Devendra Fadnavis on Sanjay Raut: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना सांसद संजय राउत के साथ हुई अपनी मुलाकात पर सफाई दी है। यह मुलाकात शनिवार को मुंबई के एक होटल में हुई थी।

Sanjay Raut के साथ होटल में हुई 'गुप्त' बैठक पर फडणवीस ने दी सफाई

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच मुंबई के एक होटल में हुई 'गुप्त' मुलाकात पर फडणवीस ने सफाई दी है। दरअसल इस मुलाकात के बाद से ही महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। फडणवीस ने कहा, 'संजय राउत जी शिवसेना के अखबार सामना के लिए मेरा साक्षात्कार लेना चाहते थे। इस पर चर्चा के लिए बैठक आयोजित की गई थी क्योंकि मैंने कुछ शर्तें रखी थीं, मैं चाहता था कि इसे बिना किसी काट-छांट के प्रकाशित किया जाए। बैठक में कोई राजनीतिक वार्ता नहीं हुई।'

राउत ने भी दी थी सफाई

इससे पहले संजय राउत ने भी इस मुलाकात को लेकर किसी भी तरह की कयासबाजी का खंडन किया था। राउत ने कहा, 'मैं कुछ मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कल देवेंद्र फड़णवीस से मिला। वह पूर्व मुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा, वह महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता हैं और भाजपा के बिहार चुनाव के प्रभारी हैं। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं। मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) हमारी बैठक के बारे में जानते थे।'

इससे पहले महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने भी सफाई देते हुए कहा था, 'राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना के लिए फडणवीस का साक्षात्कार लेने की इच्छा व्यक्त की थी और इसी बारे में चर्चा करने के लिए यह मुलाकात हुई थी। फडणवीस ने राउत से कहा है कि वह बिहार में चुनाव प्रचार करके लौटने के बाद उन्हें साक्षात्कार देंगे। इस भेंट का कोई राजनीतिक संदर्भ नहीं है।'

बीजेपी के साथ लड़ा था चुनाव
आपको बता दें कि बीजेपी और शिवसेना ने विधानसभा का चुनाव साथ में लड़ा था लेकिन बाद में शिवसेना मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ गई थी जिसके बाद यह वर्षों पुराना गठबंधन टूट गया था। बाद में शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन कर महा विकास अघाड़ी सरकार बनाने के फैसला किया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में इस सरकार के गठन के बाद कई बार इसमें शामिल दलों के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आ चुकी हैं।

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