इस समय देश में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अब कम हुआ है। वैक्सीनेशन के 55 करोड़ से अधिक सिंगल या डबल डोज लगाए जा चुके हैं। इन सबके बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से भारत के लिए बड़ी खबर है। मुख्य वैज्ञानिक सौम्या विश्वनाथन का कहना है कि भारत में कोविड अब एंडेमिक स्टेज में जा सकता है। इसका अर्थ यह है कि वायरस के फैलाव की प्रकृति अब स्थानीय हो सकती है, जबकि पैनडेमिक में जनसंख्या का बड़ा हिस्सा वायरस की चपेट में आता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उतार और चढ़ाव के साथ भारत के अलग अलग हिस्सों में कोविड केस नजर आएंगे।
आकार और जनसंख्या में भिन्नता बड़ी वजह
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत के आकार और जनसंख्या के स्वरूप में भिन्नता की वजह से वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता अलग अलग है। हम ऐसी अवस्था में जा सकते हैं जहां वायरस के फैलने की दर कम या मध्यम होगी। फिलहाल वायरस के तेजी से फैलने की संभावना नजर नहीं आ रही है जो हम सबने कुछ महीने पहले देखा था। उन्होंने कहा कि 2022 के अंत तक भारत टीकाकरण के मामले में शानदार कामयाबी हासिल कर लेगा मान लीजिए की 70 फीसद लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो गया तो भारत सामान्य अवस्था की तरफ लौट जाएगा।
तीसरी लहर के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं
कोरोना की तीसरी लहर के बारे में उन्होंने कहा कि यह कोई क्रिस्टल बॉल नहीं है जिसके बारे में पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सके। फिलहाल यह कह पाना मुश्किल है कि कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी। हालांकि कुछ फैक्टर्स को ध्यान में रखकर आप सिर्फ अंदाजा लगा सकते हैं। बूस्टर डोज के बारे में उन्होंने कहा कि अगर वैज्ञानिक या नैतिक तौर पर देखें तो इसके पीछे भागना सही नहीं है, लिहाजा यह अलग अलग देशों पर निर्भर करता है जिनके पास अत्याधिक मात्रा में डोज उपलब्ध हैं।
Endemic stage of covid: भारत में कोरोना वायरस एंडेमिक स्टेज में जा सकता है, क्या है इसका मतलब
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Aug 25, 2021, 06:56 AM IST
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या विश्वनाथन का कहना है कि भारत कोविजड के एंडेमिक स्टेज में पहुंच सकता है।
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