नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस बुधवार को देश भर में विरोध-प्रदर्शन करेगी। यह विधेयक सोमवार को लोकसभा में पारित हो चुका है और इसे बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस प्रदर्शन के बारे में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से प्रदेश कांग्रेस समितियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है, 'नागरिकता संशोधन विधेयक पर अपना रुख बताने और अपने पक्ष में समर्थन हासिल करने के लिए हमें लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। मेरी अपील है कि आप लोग कल राज्य मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन करें।'
लोकसभा में सोमवार को इस विधेयक पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस के पांच सदस्य गुरजीत सिंह औजला, रेवंत रेड्डी, के रेड्डी, ज्योत्सना चंद्र और गीता कोडा अनुपस्थित रहे। जबकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी विधेयक के पेश किए जाने के समय लोकसभा में उपस्थित रहीं लेकिन वोटिंग के दौरान वह सदन में मौजूद नहीं थीं।
बताया गया है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को राज्यसभा में दोपहर बाद दो बजे पेश किया जाएगा। लोकसभा में इस विधेयक पर तीखी बहस हुई। विपक्ष जहां इस विधेयक को असंवैधानिक बातकर इसका विरोध कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि यह विधेयक पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए अल्पसंख्यक समूहों को संवैधानिक अधिकार और सम्मान देगा।
लोकसभा में सरकार के पास बहुमत है और उसे इस विधेयक को पारित कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई। लोकसभा में इस विधेयक पर हुए मतविभाजन में एनडीए के पक्ष में 311 और विपक्ष में 80 सदस्यों ने मतदान किया। वोटिंग के दौरान सदन में 391 सदस्य उपस्थित थे। सरकार का आंकड़ा राज्यसभा में उसके पक्ष में नहीं है। उच्च सदन में वह गैर-यूपीए दलों के समर्थन पर निर्भर है। ऐसे में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ कांग्रेस संसद से सड़क तक सरकार पर दबाव बनाना चाहती है। कांग्रेस इस बिल के खिलाफ यूपीए को एकजुट रखने के साथ-साथ गैर-यूपीए दलों को भी लामबंद कर रही है।
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