अदिति सिंह पर कांग्रेस की कार्रवाई, बस मामले में प्रियंका गांधी की पहल को बताया है 'क्रूर मजाक'

देश
आलोक राव
Updated May 21, 2020 | 11:21 IST

Aditi Singh : सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने अदिति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें महिला इकाई के महासचिव पद से निलंबित कर दिया है। 

Congress suspends Aditi Singh from party women wing
कांग्रेस ने अदिति सिंह पर की कार्रवाई।  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • कांग्रेस की बस पॉलिटिक्स पर अदिति सिंह ने खड़े किए सवाल
  • सिंह ने पार्टी की इस पहल को धोखा और क्रूर मजाक करार दिया
  • कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए महासचिव पद से निलंबित किया

रायबरेली (उत्तर प्रदेश) : उत्तर प्रदेश में प्रवासी मजदूरों को बस उपलब्ध कराने के मामले में अपनी ही पार्टी और महासचिव प्रियंका गांधी पर सवाल खड़े करने वाली अदिति सिंह को कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया है। अदिति सिंह रायबरेली से विधायक हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने अदिति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें महिला इकाई के महासचिव पद से निलंबित कर दिया है। 

कांग्रेस ने की अनुशासनात्मक कार्रवाई
समाचार एजेंसी एएनआई ने एक सूत्र के हवाले से कहा, 'कांग्रेस की महिला इकाई के महासचिव पद से विधायक अदिति सिंह को निलंबित कर दिया गया है।' बता दें कि सिंह के खिलाफ एक शिकायत उत्तर प्रदेश के विधानसभा स्पीकर के समक्ष पहले से ही लंबित है। पार्टी ने स्पीकर से सिंह को विधायक के लिए अयोग्य करार देने का अनुरोध किया है। सूत्रों का कहना है कि अदिति को अयोग्य करार करने की सिफारिश कांग्रेस ने उस वक्त की जब वह पार्टी के इच्छा के विपरीत राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली थीं और विधानसभा सत्र में हिस्सा लिया था। 

पार्टी की पहल को 'धोखा और मजाक' करार दिया
अदिति कांग्रेस की महिला इकाई प्रियदर्शनी की राष्ट्रीय प्रभारी हैं। सिंह को पार्टी की कार्रवाई के बारे में सूचित कर दिया गया है। सिंह ने बुधवार को अपने एक ट्वीट में  प्रवासी मजदूरों को बस उपलब्ध कराए जाने की पार्टी की पहल को 'धोखा और मजाक' करार दिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य पहुंचाने के लिए योगी सरकार के समक्ष 1000 बसें भेजने की पेशकश की थी जिसे राज्य सरकार ने मान लिया। कांग्रेस की ओर से बसों की जो सूची भेजी गई उनमें से ज्यादातर बसें अनफिट मिलीं। इसके बाद कांग्रेस ने अपनी बसों को वापस बुला लिया।

महाराष्ट्र क्यों नहीं भेजी बसें
सिंह ने अपने ट्वीट में कहा, 'आपदा के समय इस तरह के दोयम दर्जे की राजनीति करने की जरूरत क्या है। पार्टी ने 1000 बसों की सूची सौंपी है। सच्चाई यह है कि इनमें से आधी से ज्यादा बसों का रजिस्ट्रेशन फर्जी है, 297 बसें खटारा हैं, 98 ऑटो-रिक्शा हैं। सूची में एंबुलेंस और 68 वाहन ऐसे हैं जिनका पेपर नहीं है। यह क्रूर मजाक है। कांग्रेस के पास यदि बसें हैं तो वह उन्हें राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र क्यों नहीं भेजती।'

अदिति ने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही हैं जो राजस्थान में कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए बसों का इंतजाम किया। मुख्यमंत्री ने रात भर जागकर छात्रों के लिए बसों का प्रबंध किया और इस बात की प्रशंसा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी की।  

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