लखीमपुर हिंसा: राहुल गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, प्रियंका भी रहीं साथ

देश
गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तव | कॉरेस्पोंडेंट
Updated Oct 13, 2021 | 14:10 IST

Lakhimpur Kheri violence: लखीमपुर खीरी हिंसा के मसले पर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है।

rahul gandhi
राष्ट्रपति से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल 

मुख्य बातें

  • लखीमपुर हिंसा को लेकर राष्ट्रपति से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
  • गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र की इस्तीफे की मांग की
  • स्वतंत्र न्याय आयोग के जरिए जांच कराने की मांग की, जिसमें सुप्रीम या हाई कोर्ट के दो सिटिंग जज हों

नई दिल्ली: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचा। राहुल गांधी के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, अधीर रंजन चौधरी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल मिले। राहुल गांधी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से कहा कि आरोपी के पिता जो गृह राज्य मंत्री हैं, उन्हें पद से हटा देना चाहिए क्योंकि उनकी मौजूदगी में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। इसी तरह हमने सुप्रीम कोर्ट के दो सिटिंग जजों से भी जांच कराने की मांग की। खड़गे ने कहा कि हमने राष्ट्रपति को लखीमपुर खीरी कांड के संबंध में सारी जानकारी दी। हमारी दो मांगें हैं- मौजूदा जजों से स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और गृह राज्य मंत्री (अजय मिश्रा टेनी) को या तो इस्तीफा दे देना चाहिए या बर्खास्त कर देना चाहिए। न्याय तभी संभव होगा।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राष्ट्रपति ने हमें आश्वासन दिया है कि वह आज ही सरकार से इस मामले पर चर्चा करेंगे।

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में मंगलवार को चार किसानों और एक पत्रकार को श्रद्धांजलि देने के लिए 'अंतिम अरदास' कार्यक्रम में पहुंचीं। प्रियंका ने पत्रकारों से कहा कि आज मैं अंतिम अरदास की सभा में आई हूं, इसलिए कुछ बोलूंगी नहीं, हां यह जरूर है कि अंतिम सांस तक किसानों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ूंगी।

राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में क्या हैं मांगे?

राष्ट्रपति को सौंपे गए पत्र में इस बात जिक्र किया गया है कि लखीमपुर में हिंसा होने से पहले गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने 27 सितम्बर आंदोलनकारी किसानों को खुलेआम धमकी दी थी। ये वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी वायरल हुआ। इसी पर सवाल करते हुए कांग्रेस पार्टी की तरफ से ये सवाल खड़ा किया गया है कि जब मंत्री ने खुद घटना के लिए उकसाया था तो न्याय कैसे सम्भव है?

दूसरा 3 सितम्बर को जब 4 किसानों और एक पत्रकार को कुचला गया उनमें से दो गाड़ियां गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र की थीं। वहां मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों ने ये बताया कि आशीष मिश्रा उन्हीं गाड़ियों में से एक में मौजूद था। इसके बावजूद यूपी पुलिस ने पहले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी तो बाद में गिरफ्तार करने में। पत्र में ये भी लिखा गया है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के लखीमपुर जाकर मृतकों के परिवारवालों से मिलने के बाद ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

ये हैं कांग्रेस की 2 मांगें

राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र पर हत्या का मुकदमा दर्ज होने और अब तक उस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा कोई फैसला न सुनाने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। ज्ञापन में लिखे गए इन्हीं कारणों के आधार पर राष्ट्रपति से दो प्रमुख मांगे की गईं- पहला केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को पद से हटाया जाए क्योंकि उनका आपराधिक इतिहास रहा है वो पद का दुरुपयोग कर सकते हैं। दूसरा एक स्वतंत्र न्याय आयोग के जरिए जांच कराआ जाए जिसमें सुप्रीम या हाई कोर्ट के दो सिटिंग जज हों।

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