Shashi Tharoor:शशि थरूर पर कांग्रेस के मुख्य सचेतक के सुरेश का तंज, वो नेता नहीं बल्कि अतिथि कलाकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 28, 2020, 10:42 PM IST

Politics in Congress: कांग्रेस में खत को लेकर चल रहा रार सतही तौर पर शांत दिखाई दे रहा है। लेकिन जिस तरह से लोकसभा में कांग्रेस के चीफ ह्विप के सुरेश ने शशि थरूर पर टिप्पणी की है उसके बाद टकराव बढ़ सकता है।

Shashi Tharoor:शशि थरूर पर कांग्रेस के मुख्य सचेतक के सुरेश का तंज, वो नेता नहीं बल्कि अतिथि कलाकार

नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले एक चिट्ठी लीक हुई जिसके बाद पार्टी में बवंडर आ गया। उस चिट्ठी पर जाने माने चेहरों ने दस्तखत किए जिसमें शशि थरूर भी शामिल थे। खत का मजमून यह था कि कांग्रेस को स्थाई अध्यक्ष चुनाव के जरिए मिलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है कि तो आगे क्या होना है सबको पता है। कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों का कहना है कि अब सबकुछ सामान्य हो चुका है। लेकिन केरल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के सुरेश ने शशि थरूर के बारे में कहा कि वो कांग्रेस नेता कहां थे। वो तो सिर्फ अतिथि कलाकार हैं। यह बात अलग है कि वो अपनी टिप्पणी वापस ले  चुके हैं। 

कांग्रेस के चीफ ह्लिप ने थरूर पर साधा निशाना
लोकसभा में कांग्रेस के चीफ ह्विप के सुरेश कहते हैं कि शशि थरूर निश्चित रूप से एक राजनेता नहीं हैं। वह कांग्रेस पार्टी में एक अतिथि कलाकार के रूप में आए थे। वह अभी भी पार्टी में अतिथि कलाकार की तरह अपने फर्ज को अंजाम दे रहे हैं। के रमेश कहते हैं कि शशि थरूर वैश्विक नागरिक हो सकते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वह अपनी इच्छा के अनुसार कोई भी निर्णय ले सकते हैं या कुछ भी कह सकते हैं।

पहले निशाना, बाद में पलट गए के सुरेश
शशि थरूर को पार्टी की नीतियों का पालन करना चाहिए। यह बात अलग है कि "बाद में श्री सुरेश ने दावा किया कि उन्होंने मीडिया को बुलाया और श्री थरूर पर अपनी टिप्पणी को वापस ले लिया।  उन्होंने कहा कि वह अपने ट्वीट में चूक गए थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है और हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। यही नहीं कांग्रेस के अंदर विचारों की अभिव्यक्ति का पूरा सम्मान किया जाता है।  दरअसल कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले एक खत लीक हुआ जिसमें संगठनात्मक चुनाव पर जोर देने की बात कही गई थी। लेकिन कांग्रेस के दूसरे खेमे ने उसे अनुशासन के दायरे से बाहर माना था। राहुल गांधी ने यहां तक कह दिया था कि कुछ लोगों की बीजेपी से साठगांठ है।

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