Krishna Janmabhoomi: मथुरा में कोर्ट पहुंचा कृष्ण जन्मभूमि मामला, ईदगाह मस्जिद हटाने की मांग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 26, 2020, 02:53 PM IST

मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि का मामला कोर्ट पहुंच गया है। अदालत में सिविल मुकदमा दायर कर श्री कृष्ण विराजमान ने जन्मभूमि मुक्त कराने की गुहार लगाई है।

Krishna Janmabhoomi: मथुरा में कोर्ट पहुंचा कृष्ण जन्मभूमि मामला, ईदगाह मस्जिद हटाने की मांग

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि का मामला कोर्ट पहुंच गया है। संपूर्ण कृष्ण जन्मभूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए मथुरा के सिविल कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया गया है। अदालत में सिविल मुकदमा दायर कर श्री कृष्ण विराजमान ने अपनी जन्मभूमि मुक्त कराने की गुहार लगाई है। इस याचिका के जरिए 13.37 एकड़ की कृष्ण जन्मभूमि का स्वामित्व मांगा गया है। इस पर मुगल काल में कब्जा कर शाही ईदगाह बना दी गई थी। शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग की गई है।

वकील हरि शंकर जैन और विष्णु जैन ने वादी भगवान श्री कृष्ण विराजमान की ओर से स्थानीय मथुरा अदालत में 13.37 एकड़ की श्रीकृष्ण जन्मभूमि भूमि पर दावा ठोकने और शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग करने के लिए मुकदमा दायर किया है। मस्जिद कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटी है।

'औरंगजेब ने मंदिर को तुड़वाया'

मुकदमे में दावा किया गया है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म राजा कंस के कारागर में हुआ था और पूरे क्षेत्र को 'कटरा केशव देव' के नाम से जाना जाता है। जन्म स्थान मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट की प्रबंधन समिति द्वारा खड़े किए गए वर्तमान ढांचे के नीचे स्थित है। इसने मथुरा में कृष्ण मंदिर को गिराने के लिए मुगल शासक औरंगजेब को दोषी ठहराया। यह तथ्य और इतिहास की बात है कि औरंगजेब ने 1658-1707 तक देश पर शासन किया और उसने इस्लाम के कट्टर अनुयायी होने के कारण जन्म स्थान पर खड़े मंदिर सहित बड़ी संख्या में हिंदू धार्मिक स्थलों और मंदिरों को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए थे।

यह आरोप लगाया गया है कि मस्जिद ट्रस्ट ईदगाह ने कुछ मुसलमानों की मदद से श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट और देवता से संबंधित कटरा केशव देव की भूमि पर अतिक्रमण किया। यह बिना किसी अधिकार के है।

'हिंदू-मुस्लिम की ना हो राजनीति'

बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा कि मथुरा और काशी को भी अयोध्या में राम जन्मभूमि के बाद मुक्त कराने की आवश्यकता है। यदि आवश्यक हुआ तो ईदगाह अतिक्रमण को हटाने और कृष्ण जनभूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए एक आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद में मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि सवाल हमारे देश का है, हमारे हिंदुस्तान का है। हम तो हिंदू-मुसलमान का विवाद नहीं चाहते, लेकिन कुछ पार्टियां हैं जो ये चाहती हैं। बाबरी का मसला 50 सालों तक कोर्ट में रहा। आज काशी-मथुरा की बात करने लगे। ये हिंदुस्तान की तरक्की को रोकना चाहते हैं। ये जाति और धर्म की राजनीति करने वाले देश की सोचें और हिंदू-मुसलमान न करें।

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