Moderna Vaccine:देश को मिलेगा एक और टीका, सिप्ला को 'मॉडर्ना वैक्सीन' के आयात की DCGI से मंजूरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 30, 2021, 12:50 AM IST

Moderna Vaccine Update: सिप्ला/मॉडर्ना को COVID19 वैक्सीन के आयात के लिए DCGI (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) की मंजूरी मिली सरकार जल्द ही घोषणा करेगी।

Moderna Vaccine:देश को मिलेगा एक और टीका, सिप्ला को 'मॉडर्ना वैक्सीन' के आयात की DCGI से मंजूरी

नई दिल्ली:  देश में जल्द ही मॉडर्ना की वैक्सीन का भी आयात हो सकता है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) सिप्ला  को मॉडर्ना की वैक्सीन आयात करने की मंजूरी दे दी है ये वैक्‍सीन 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लग सकती है। कंपनी ने भारत में इसकी इजाजत औपचारिक रूप से दरवाजा खटखटाया था।अमेरिकी वैक्सीन कंपनी 'मॉर्डना' ने भारत में अपने कोविड-19 रोधी टीके के लिए नियामकीय मंजूरी मांगी थी और सिप्ला (Cipla) ने टीके के आयात, विपणन संबंधी प्राधिकार के लिए आवेदन किया था।

मॉडर्ना की वैक्सीन मैसेंजर आरएनए पर निर्भर करती है, जो कोशिकाओं को कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार करने के लिए प्रोग्राम करते हैं। नीति आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करते हुए कहा कि मॉडर्ना को नई दवा के तौर पर अनुमति दी गई है, जो पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित कोविड वैक्सीन है।पॉल ने हालांकि स्पष्ट किया कि नई दवा की अनुमति आपातकालीन उपयोग के लिए है और मॉडर्ना दो खुराक के साथ दी जाएगी।

उन्होने कहा, हमारे पास अभी कोवैक्सिन, कोविशील्ड, स्पूतनिक-वी और मॉडर्ना वैक्सीन उपलब्ध हैं जल्दी ही हम फाइजर से भी टीके के लिए डील फाइनल कर लेंगे।

सिप्ला ने बीते सोमवार को वैक्सीन आयात करने की डीसीजीआई से अनुमति मांगी थी बीते हफ्ते ही दिल्ली सरकार भी केंद्र सरकार से फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन जैसे अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन उम्मीदवारों को इजाजत देने की अपील की थी। इस वैक्सीन को लेकर किए गए क्लिनिकल परीक्षण के परिणाम बताते हैं कि ये वैक्सीन कोरोना संक्रमण के लक्षणों वाले मामलों के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा कारगर है। 

मॉडर्ना ने एक अलग पत्र में सूचना दी है कि अमेरिका ने यहां उपयोग के लिए कोविड-19 के अपने टीके की एक विशेष संख्या में खुराक ‘कोवैक्स’ के जरिए भारत सरकार को दान में देने की सहमति दी है। उल्लेखनीय है कि कोवैक्स कोविड-19 के टीके के न्यायसंगत वितरण के लिए एक वैश्विक पहल है।

'Moderna की प्रोटीन आधारित कोविड वैक्सीन बच्चों के उपयोग के लिए सेफ'

बेबी रीसस मैकाक्स पर एक शोध में यह दावा किया गया है। चैपल हिल, वेइल कॉर्नेल मेडिसिन एंड न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन में यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना  के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा किए गए अध्ययन में बताया गया है कि दोनों टीकों ने बेबी रीसस मैकाक्स के साथ सार्स-सीओवी-2 के लिए मजबूत न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं, जो वायरस कोविड-19 का कारण बनता है। इसमें पाया गया कि एंटीबॉडी प्रतिक्रियाएं 22 सप्ताह तक बनी रहीं।साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि छोटे बच्चों के लिए टीके महामारी को कम करने के लिए महत्वपूर्ण एवं सुरक्षित उपकरण हैं।

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