चीन की नपाक हरकत! भारतीय जल क्षेत्र में कर रहा था रिसर्च, नौसेना ने खदेड़ा

देश
Updated Dec 03, 2019 | 11:32 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

भारत जल क्षेत्र में चीनी पोत कर रहा था नपाक हरकत, भारतीय नौसेना ने खदेड़ कर बाहर निकाला।

Chinese vessel in Indian waters
Chinese vessel in Indian waters 

मुख्य बातें

  • चीनी अनुसंधान पोत शी यान 1 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर के पास भारतीय जल क्षेत्र में रिसर्च गतिविधियों को अंजाम दे रहा था
  • भारत का कानून किसी विदेशी को भारतीय एक्सक्लूसिव इकॉनोमिक जोन में रिसर्च करने की अनुमति नहीं देता है
  • चीन पोत का इस्तेमाल करके भारतीय गतिविधियों पर जासूसी कर सकता था

नई दिल्ली : भारतीय नौसेना ने हाल ही में पोर्ट ब्लेयर के पास भारतीय जल क्षेत्र में पाए गए एक संदिग्ध चीनी पोत को निकाल दिया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी अनुसंधान पोत शी यान 1 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर के पास भारतीय जल क्षेत्र में रिसर्च गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और भारतीय समुद्री निगरानी विमान ने इसका पता लगाया गया था। सूत्रों ने कहा कि चीन पोत का इस्तेमाल भारतीय गतिविधियों पर जासूसी करने के लिए कर सकता था। यह आईओआर और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर नजदीक से नजर रख सकता था।

जब एजेंसियों ने पोत का पता लगाया और यह पता लगाने के बाद कि चीन का पोत भारतीय एक्सक्लूसिव इकॉनोमिक जोन रिसर्ज गतिविधियों को अंजाम दे रहा है तब भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत को इसकी निगरानी के लिए भेजा गया था। चूंकि भारत का कानून भारतीय एक्सक्लूसिव इकॉनोमिक जोन में किसी विदेशी को रिसर्च और अन्वेषण गतिविधियों को करने की अनुमति नहीं देता है। इसलिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने चीनी अनुसंधान पोत को भारतीय जल से बाहर जाने के लिए कहा।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय नौसेना द्वारा सावधानी बरतने के बाद, चीनी शी यान 1 पोत ने भारतीय जल क्षेत्र को छोड़ दिया और अपने अन्य गंतव्य के लिए संभवतः चीन की ओर चला गया। भारतीय नौसेना उन चीनी पोतों पर लगातार निगरानी रखती है जो भारतीय नौसेना के क्षेत्र के पास मलक्का जलडमरूमध्य से हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश करते हैं।

हाल ही में, भारतीय नौसेना के P-8I समुद्री निगरानी विमान ने हिंद महासागर क्षेत्र में और उसके आसपास संचालित सात चीनी नौसेना के युद्धपोतों का पता लगाया था। एएनआई ने  भारतीय नौसेना की निरंतर निगरानी क्षमताओं के बारे में सबसे पहले चीनी लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक Xian-32 के विशेष चित्रों के साथ रिपोर्ट किया। P-8I पनडुब्बी रोधी युद्ध और लंबी दूरी के निगरानी विमान ने तस्वीरों को क्लिक किया था और यहां संचालन करते समय चीनी जहाजों की गतिविधियों और मूवमेंट पर लगातार नजर रख रहे हैं।

चीनी नौसेना अक्सर एंटी-पायरेसी गश्त के उद्देश्य के साथ भारतीय जल में प्रवेश करती है लेकिन भारत इसे पूरी तरह से नहीं खरीदता क्योंकि चीनी युद्धपोत परमाणु और पारंपरिक पनडुब्बियों के साथ होते हैं जो एंटी-पाइरेसी ऑपरेशन में कोई मतलब नहीं रखते हैं।

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Network Hindi पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर