कोरोना टीके की आ सकती है नई कीमत, सीरम -भारत बायोटेक से दोबारा बात करने की तैयारी में केंद्र

Price of Covaxin and Covishield: टीकों की खरीद पर अपनी नई नीति की घोषणा करने के बाद केंद्र सरकार सीरम और भारत बायोटेक से नए सिरे से बातचीत कर सकती है। टीकों की कीमत कम हो सकती है।

Centre is likely to engage in renegotiations on the prices of Covaxin and Covishield
कीमत पर सीरम -भारत बोयटेक से दोबारा बात करने की तैयारी में केंद्र। 

मुख्य बातें

  • सरकार ने कोरोना टीकों की खरीद के लिए अपनी नीति घोषित की है
  • पीएम ने कहा है कि सरकार 75 प्रतिशत टीके की डोज कंपनियों से खरीदेगी
  • भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से कीमत पर हो सकती है बात

नई दिल्ली : देश में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भारत में बायोटेक के टीके कोवाक्सिन, एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड और रूस के स्पूतनिक-V को लगाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने टीकों की खरीद के लिए अपनी नई नीति की घोषणा की है। खरीद की इस नई नीति के बाद समझा जा रहा है कि सरकार भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से टीकों की कीमत पर नए सिरे से बात कर सकती है। 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 'नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक टीके की कीमत पर फैसला अभी होना है।' अभी सरकार इन दोनों कंपनियों से टीके की एक डोज 150 रुपए में खरीद रही है। 

सरकार 75 प्रतिशत टीके की डोज खरीदेगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए वित्त मंत्रालय, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के अधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके। इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार 75 प्रतिशत टीके की डोज वैक्सीन निर्माता कंपनियों से खरीदेगी। इसमें 25 प्रतिशत राज्यों का कोटा भी शामिल है। पीएम ने कहा कि केंद्र राज्यों को मुफ्त में टीका उपलब्ध कराएगा। 

राजस्व पर 15,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने से 21 जून से 18 साल से ऊपर के व्यक्तियों को मुफ्त टीका लग सकेगा। इससे राजस्व पर 15,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बजट में कोरोना वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। गत जनवरी में सरकार ने जब टीकाकरण अभियान शुरू किया उसे समय उसने कोविशील्ड के 11 मिलियन डोज और कोवाक्सिन के करीब 5.5 मिलियन डोज खरीदे थे। सरकार ने कोविशील्ड की प्रत्येक डोज के लिए 200 रुपए (टैक्स छोड़कर) और कोवाक्सिन की प्रत्येक खुराक के लिए 206 रुपए (टैक्स छोड़कर) का भुगतान किया। हालांकि बाद में बातचीत के बाद टीके की कीमत प्रति डोज 150 रुपए तय की गई।

प्राइवेट अस्पताल सरकार के जरिए वैक्सीन खरीद रहे थे
अप्रैल के महीने तक प्राइवेट अस्पताल सरकार के जरिए वैक्सीन खरीद रहे थे। सरकार ने कोविशील्ड और कोवाक्सिन दोनों टीकों की कीमत 250 रुपए पर तय कर दी थी। अप्रैल में ही टीका निर्माता कंपनियों को अपनी वैक्सीन की कीमत तय करने की इजाजत दी गई। शुरुआत में एसआईआई और भारत बायोटेक ने राज्य सरकारों  के लिए अपने टीके की कीमत 400 और 600 रुपए और निजी अस्पतालों के लिए 600 और 1200 रुपए तय की।  

निजी अस्‍पतालों में वैक्‍सीन की अधिकतम कीमत तय
सरकार ने मंगलवार को निजी अस्‍पतालों में वैक्‍सीन की अधिकतम कीमत तय कर दी। इस नई कीमत में 5 प्रतिशत जीएसटी और अधिकतम 150 रुपये का सेवा शुल्‍क शामिल है। कोविशील्‍ड की एक डोज अब निजी अस्‍पतालों में 780 रुपये में, कोवाक्सिन की एक डोज 1410 रुपये में और स्‍पूतनिक V के एक डोज की कीमत 1,145 रुपये में मिलेगी। तीनों टीकों में कोवाक्सिन की कीमत सबसे ज्यादा है।

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