Maharashtra Crisis: एक्शन में BJP, बीते दो दिनों में उद्धव सरकार के सभी फैसले रद्द करने की मांग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 24, 2022, 01:22 PM IST

Maharashtra Crisis Updates: भाजपा नेता एवं विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर ने शुक्रवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखा। भाजपा नेता ने राज्यपाल से पिछले दो दिनों में राज्य सरकार की ओर से लिए गए सभी निर्णयों को रद्द करने का अनुरोध किया है।

Maharashtra Crisis: एक्शन में BJP, बीते दो दिनों में उद्धव सरकार के सभी फैसले रद्द करने की मांग

Maharashtra Crisis : महाराष्ट्र संकट पर करीबी नजर बनाकर रखने वाली  मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब एक्शन मोड में आ गई है। भाजपा नेता एवं विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण दरेकर ने शुक्रवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखा। भाजपा नेता ने राज्यपाल से पिछले दो दिनों में राज्य सरकार की ओर से लिए गए सभी निर्णयों को रद्द करने का अनुरोध किया है। दरेकर ने कहा है कि महाराष्ट्र के व्यापक हितों को देखते हुए अब राज्यपाल को दखल देने की जरूरत है। एकनाथ शिंदे एवं अन्य विधायकों की बगावत के बाद महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर गिरने का संकट मंडरा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बगावत के बाद उद्धव सरकार तकनीकी रूप से अल्पमत में आ गई है।  

बयान देने से बच रहे भाजपा के बड़े नेता
महाराष्ट्र में संकट गहराने के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं की तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया है। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने चुप्पी साध रखी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भले ही बयान दिया हो लेकिन पार्टी की तरफ से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान देने से बचा जा रहा है। मौजूदा राज्य में राजनीतिक संकट के लिए कांग्रेस और एनसीपी दोनों पार्टियों ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों पार्टियों का आरोप है कि भाजपा राज्य में गठबंधन सरकार को गिराना चाहती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राज्य सरकार को भाजपा अस्थिर करना चाहती है। 

Maharashtra : उद्धव ठाकरे को एकनाथ शिंदे गुट का जवाब, 3 पन्नों की चिट्ठी में पूछा-हमें अयोध्या जाने से क्यों रोका?


बागी विधायकों ने उद्धव को लिखी चिट्ठी
बता दें कि शिवसेना से बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके पास 52 विधायकों का समर्थन है। इनमें 40 से ज्यादा विधायक शिवसेना के हैं। शिंदे गुट ने अपनी नाराजगी का कारण मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बताया है। शिंदे गुट की ओर से 22 जून को लिखे गए पत्र में उद्धव से कई सवाल पूछे गए। मराठी में लिखे गए इस पत्र में बागी विधायकों की ओर से पूछा गया कि फोन कर ये क्यों कहा गया कि अयोध्या मत जाओ। आपने शिंदे साहब को फोन कर कहा कि उन्हें एयरपोर्ट से वापस लाओ जबकि कई लोगो का चेक इन हो गया था। शिंदे साहब ने बताया कि आपका फोन है हमने सारा सामान वापस लिया और घर आ गए। राज्यसभा चुनाव में हमारा एक भी वोट टूटा नहीं था। फिर विधान परिषद चुनाव में हम पर इतना अविश्वस क्यों दिखाया गया कि हमें आयोध्या नहीं जाने दिया गया। 

End of Article