केरल में गर्भवती हथिनी की मौत पर मेनका गांधी का राहुल से सवाल, 'कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 4, 2020, 12:35 PM IST

BJP leader Maneka Gandhi questions Rahul Gandhi: भाजपा नेता मेनका गांघी ने केरल में गर्भवती हथिनी की क्रूरता पूर्वक हत्या पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

केरल में गर्भवती हथिनी की मौत पर मेनका गांधी का राहुल से सवाल, 'कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?'
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नई दिल्ली : केरल के मलप्पुरम में एक गर्भवती हथिनी की क्रूरता पूर्वक मारने की घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सवाल उठाए हैं। यहां किसी व्यक्ति ने पटाखे से भरा अनानास खाने के लिए गर्भवती हथिनी को दिया जिसकी वजह से वह बुरी तरह जख्मी हो गई और उसके बाद उसकी मौत हो गई। यह अमानवीय घटना सामने आने के बाद देश भर के लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। लोग दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच भाजपा नेता ने बुधवार को कहा कि राहुल गांधी इस क्षेत्र से सांसद हैं लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की है।

वन सचिव को हटाने की मांग की
पशु अधिकारों के लिए सक्रिय रहने वाली भाजपा नेता ने केरल के वन सचिव को उनके पद से हटाने की मांग की है। बता दें कि मलप्पुरम जिला वायनाड से जुड़ा हुआ है और राहुल गांधी वायनाड से सांसद हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में मेनका ने कहा, 'इस घटना के लिए वन सचिव को हटाया जाना चाहिए और वन्यजीव संरक्षण मंत्री में यदि थोड़ी भी संवेदनशीलता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। राहुल गांधी इसी क्षेत्र से चुनकर संसद पहुंचे हैं। मैं पूछती हूं कि उन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है? 

वायनाड से सांसद हैं राहुल गांधी
कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा, 'राहुल ने चुनाव लड़ने के लिए वायनाड को खुद चुना। उन्हें इस इलाके की समस्याओं को दूर करना चाहिए लेकिन वह अपनी बातों से देश भर की समस्या हल ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में हाथियों पर हमले बढ़े हैं और इसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट से भी की गई है।

हाल के वर्षों में हाथियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ीं
उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बावजूद कि चिड़ियाघरों में हाथियों को नहीं रखा जाएगा, करीब 60 हाथियों को चिड़ियाघरों में रखा गया है। यहां पर उन्हें बांधकर रखा जाता है पीटा जाता है। यहां तक सर्कस में भी हाथियों का इस्तेमाल हो रहा है। मंदिरों एवं नजी कस्टडी में हाथियों को न रखने के लिए कोर्ट को आदेश पारित करना चाहिए।'

हथिनी की मौत पर देश भर में गुस्सा
बताया गया है कि गर्भवती हथिनो को पटाखे से भरा अनानास खिलाने पर उसके मुंह में विस्फोट हो गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वन अधिकारियों का कहना है कि घायल अवस्था में हथिनी अपने झुंड से अलग मिली और चल पाने में असमर्थ थी। मेनका गांधी का कहना है कि केरल में हाल के दिनों में हाथियों के साथ अत्याचार की कई घटनाएं सामने आई हैं लेकिन राज्य सरकार इस पर मौन है। इस घटना पर देश भर में आक्रोश है और लोग दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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