Bihar Diwas : 'चाणक्य की नीति हूं, आर्यभट्ट का आविष्कार हूं मैं, बिहार हूं मैं'

'बिहार' शब्द का प्रादुर्भाव संभवतः 'बौद्ध विहारों' के 'विहार' शब्द से हुआ है जो कालान्तर में विकृत होकर 'बिहार' कहलाने लगा। बिहार को पहले 'मगध' नाम से भी जाना जाता था।

Bihar Diwas।
हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है बिहार दिवस।  |  तस्वीर साभार: PTI

आज बिहार दिवस है। आज ही के दिन यानी 22 मार्च को, साल 1912 में, बिहार को, बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर नया राज्य बनाया गया था। इसलिए हर साल 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है। साल 1935 में उड़ीसा को इससे अलग कर नया राज्य बना दिया गया और बिहार का आकार छोटा हो गया। स्वतंत्रता के बाद, बिहार का एक और विभाजन हुआ और सन् 2000 में झारखंड राज्य इससे अलग कर दिया गया।

'बिहार' शब्द का प्रादुर्भाव संभवतः 'बौद्ध विहारों' के 'विहार' शब्द से हुआ है जो कालान्तर में विकृत होकर 'बिहार' कहलाने लगा। बिहार को पहले 'मगध' नाम से भी जाना जाता था। यहां का लोकप्रिय व्यंजन है 'लिट्टी-चोखा' जो अब देश-विदेश में प्रसिद्ध हो रहा है। 'लिट्टी-चोखा' मेरा भी पसंदीदा व्यंजन है। आज का दिन सभी बिहारवासियों के लिए संकल्प का दिन है। इस शुभ-अवसर पर मुझे एक लोकप्रिय कविता याद आ रही है:

"बिहार हूं मैं"

"चाणक्य की नीति हूं , आर्यभट्ट का आविष्कार हूं मैं।

महावीर की तपस्या हूं , बुद्ध का अवतार हूं मैं। अजी हां ! बिहार हूं मैं।

सीता की भूमि हू, विद्यापति का संसार हूं मैं।

जनक की नगरी हूं, मां गंगा का श्रंगार हूं मैं।। अजी हां ! बिहार हूं मैं।

चंद्रगुप्त का साहस हूं, अशोक की तलवार हूं मैं।

बिंदुसार का शासन हूं , मगध का आकार हूं मैं। अजी हां ! बिहार हूं मैं।

दिनकर की कविता हूं, रेणु का सार हूं मैं।

नालंदा का ज्ञान हूं, पर्वत मन्दार हूं मैं।

अजी हां ! बिहार हूं मैं।

वाल्मिकी की रामायण हूं, मिथिला का संस्कार हूं मैं।

पाणिनी का व्याकरण हूं, ज्ञान का भण्डार हूं मैं।। अजी हां ! बिहार हूं मैं।

राजेन्द्र का सपना हूं, गांधी की हुंकार हूं मैं।

गोविंद सिंह का तेज हूं, कुंवर सिंह की ललकार हूं मैं।। अजी हां ! बिहार हूं मैं।

तो आइये, हम सब मिलकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की महान जन्मभूमि, बिहार को एक विकसित राज्य बनाने का निश्चय करते हैं। विकसित बिहार के बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती है। सभी बिहारवासियों को बिहार दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें 
जय बिहार ! जय भोजपुरी ! जय भारत!

(लेखक श्री जय प्रकाश सिंह एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में शिमला में आईजी पुलिस के रूप में तैनात हैं।)

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