असम AIUDF के चीफ बदरुद्दीन अजमल ने पत्रकार को बोले थे "अपशब्द" विवादों से है पुराना नाता,चुनाव में कितने अहम!

देश
रवि वैश्य
Updated Mar 15, 2021 | 18:29 IST

असम में 27 मार्च से चुनाव शुरू होंगे राज्य में भाजपा और कांग्रेस और AIUDF के बीच टक्कर देखने को मिलेगी, एआईयूडीएफ के चीफ बदरुद्दीन अजमल का विवादों से पुराना नाता रहा है।

Badruddin Ajmal
बदरुद्दीन पर भाषणों के जरिए बंगाली मुसलमानों का ध्रुवीकरण करने का आरोप विपक्ष हमेशा से लगाता रहा है 

मुख्य बातें

  • 2005 में मौलाना बदरुद्दीन ने AIUDF की स्थापना की थी
  • बदरुद्दीन हमेशा से मुसलमानों की सियासत करते आ रहे हैं
  • मुस्लिमों में उनकी लोकप्रियता है बदरुद्दीन शुरू से आक्रामक रहे हैं

असम (Assam) की राजनीति की बात हो और बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) का जिक्र ना आए ऐसा हो नहीं सकता, असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट (AIUDF) के चीफ अजमल राज्य की राजनीति में अहम दखल रखते हैं और होने वाले असम विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की कांग्रेस पार्टी संग गठबंधन हुआ है। 

मौलाना बदरुद्दीन को अगर आज के दौर में असम का सबसे बड़ा मुस्लिम नेता कहा जाए तो शायद गलता ना होगा इसके पीछे उनका बड़ा जनाधार है और मुस्लिमों में उनकी लोकप्रियता है बदरुद्दीन शुरू से आक्रामक रहे हैं और इसी राजनीति की बदौलत उनकी सूबे में अलग ही पहचान है।

2005 में मौलाना बदरुद्दीन ने ‘असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट’ (AIUDF) की स्थापना की थी इसके बाद साल 2006 के विधानसभा चुनावों में पहली बार हाथ आजमाया और 10 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की बदरुद्दीन 2006 की विधानसभा चुनाव खुद हाथ आजमाने उतरे और एक साथ दो सीटों पर चुनाव लड़ा और जीता भी बस यहीं से उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें जब पूरा देश मोदी लहर में बह रहा था तब भी बदरुद्दीन की पार्टी असम के तीन लोकसभा सीटों पर जीत गई।

अजमल ने एक पत्रकार को ना सिर्फ गाली दी, बल्‍क‍ि सिर फोड़ने की धमकी भी दी थी

साल 2018 दिसबंर में सांसद बदरुद्दीन अजमल एक बार फिर चर्चा में थे असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के चीफ अजमल ने एक पत्रकार को ना सिर्फ गाली दी थी, बल्‍क‍ि सिर फोड़ने की धमकी भी दी। अजमल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल पर बौखला गए थे और तिलमिलाहट ऐसी कि उन्‍होंने पत्रकार को कुत्ता और कुत्ते का बच्चा तक कह दिया।

अपनी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के कारण इन मुसलमानों में अजमल काफ़ी लोकप्रिय हैं, बदरुद्दीन पर भाषणों के जरिए बंगाली मुसलमानों का ध्रुवीकरण करने का आरोप विपक्ष हमेशा से लगाता रहा है।

बदरुद्दीन  का दुनियाभर में फैला है करोड़ों रुपयों के इत्र का कारोबार

एक राजनीतिक नेता के अलावा बदरुद्दीन अजमल दुनियाभर में फैले करोड़ों रुपयों के इत्र के कारोबार की वजह से भी जाने जाते हैं, बताते हैं कि इस समय दुबई समेत खाड़ी के करीब सभी देशों में अजमल के इत्र के बड़े शोरूम हैइत्र के व्यापार के अलावा अजमल ने रियल एस्टेट से लेकर चमड़ा उद्योग, स्वास्थ्य सेवाएं, कपड़ा उद्योग और शिक्षा जगत में बड़ा कारोबार फैला रखा है।

असम में मुसलमानों की आबादी लगभग 34 फीसदी है और ये आबादी राज्य की लगभग 20 से 25 सीटों पर सीधा प्रभाव डालती है शायद यही वजह है कि बदरुद्दीन हमेशा से मुसलमानों की सियासत करते आ रहे हैं।

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