'पार्टी के अंदरूनी मसलों को मीडिया में लाने की जरूरत नहीं', कपिल सिब्बल को अशोक गहलोत की नसीहत 

Kapil Sibbal Vs Ashok Gehlot: बिहार चुनाव नतीजों पर सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पहले भी पार्टी नेतृत्व के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं।

 Ashok Gehlot slams Kapil Sibal says No need to mention internal issue in media
बिहार चुनाव नतीजों पर गहलोत ने सिब्बल को दी नसीहत।  |  तस्वीर साभार: PTI

नई दिल्ली : बिहार चुनाव नतीजों को लेकर अब कांग्रेस पार्टी में विवाद का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोमवार को कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पार्टी के अंदरूनी मसलों की चर्चा मीडिया में करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि 'कपिल सिब्बल के बयान से देश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं।'  राजस्थान के सीएम की ओर से इस मसले पर कई ट्वीट किए गए हैं। गहलोत ने दावा किया है कि 'कांग्रेस ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जो देश को एकजुट रखते हुए उसे विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकती है।'

गहलोत ने किए हैं कई ट्वीट
गहलोत ने दावा किया, 'कांग्रेस 1969, 1977, 1989 और बाद में 1996 में संकट के दौर से गुजरी और हर बार हम पार्टी के नेतृत्व, नीतियों एवं विचारधारा पर भरोसा करते हुए ज्यादा मजबूत होकर निकले।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर एक परिस्थितियों एवं संकट से निकली और सोनिया जी के नेतृत्व में साल 2004 में यूपीए की सरकार बनाई। अपने एक ट्वीट में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, 'चुनाव हारने के कई कारण होते हैं लेकिन पार्टी के सभी लोगों ने नेतृ्त्व में एकजुटता जाहिर की है। इसी के चलते संकट के बावजूद हम ज्यादा ताकतवर होकर निकले।'

सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए
बिहार चुनाव नतीजों पर सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पहले भी पार्टी नेतृत्व के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। कुछ महीनों पहले पार्टी में सुधार को लेकर लिखे गए पत्र पर उन्होंने भी हस्ताक्षर किए थे। 

कांग्रेस की दशा की ओर किया है इशारा
'इंडियन एक्सप्रेस' को दिए एक इंटरव्यू में सिब्बल ने कहा, 'देश के लोग, न केवल बिहार में, बल्कि जहां भी उपचुनाव हुए वहां जाहिर तौर पर कांग्रेस को एक प्रभावी विकल्प नहीं मानते, यह सच्चाई है। आखिर बिहार में विकल्प राजद ही था। हम गुजरात में सभी उपचुनाव हार गए। लोकसभा चुनाव में भी हमने वहां एक भी सीट नहीं जीती थी। उत्तर प्रदेश के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में, उप-चुनावों के दौरान कांग्रेस के उम्मीदवारों ने 2% से भी कम वोट पाए। गुजरात में हमारे तीन उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। तो लेखन दीवार पर है। मेरा एक सहकर्मी, जो सीडब्ल्यूसी का एक हिस्सा हैं उन्होंने दूसरे दिन एक बयान दिया, 'मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस आत्मनिरीक्षण करेगी।’

बिहार में कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी लेकिन पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। कांग्रेस इस चुनाव में केवल 19 सीटें जीत पाई। उसके इस प्रदर्शन पर महागठबंधन में शामिल राजद एवं भाकपा माले ने सवाल उठाए हैं।  

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