जोधपुर हिंसा: अब तक 13 FIR और 100 गिरफ्तार, पुलिस का दावा स्थिति नियंत्रण में

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 4, 2022, 11:11 AM IST

Jodhpur Violence Update: उपद्रव को देखते हुए शहर के दस थाना क्षेत्रों , उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार (3 मई) को दोपहर एक बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है।

जोधपुर हिंसा: अब तक 13 FIR और 100 गिरफ्तार, पुलिस का दावा स्थिति नियंत्रण में
Photo Credit: ANI

Jodhpur Violence: ईद के मौके पर जोधपुर में हुई हिंसा के बाद आज स्थिति नियंत्रण में है। सोमवार और मंगलवार को दो समुदायों के बीच हुई झड़प में अब तक 13 एफआईआर दर्ज की गई है और 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि दो दिन के तनाव के बाद स्थिति अब नियंत्रण में है। इस बीच बुधवार को भी कर्फ्यू जारी है। फिलहाल जोधपुर जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।

10 थाना क्षेत्र में कर्फ्यू

दो दिन हुए उपद्रव को देखते हुए शहर के दस थाना क्षेत्रों , उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार (3 मई) को दोपहर एक बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है। कर्फ्यू 4 मई की आधी रात तक लगे रहने के आदेश हैं। इस बीच जोधपुर पुलिस आयुक्त नवज्योति गोगोई ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है। शहर में पर्याप्त बल तैनात किया गया है। मैं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। अब तक 13 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है और हमने 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

कैसे फैला सांप्रदायिक तनाव

मुख्यमंत्री के गृह नगर जोधपुर में विवाद की शुरूआत सोमवार रात 11 से 12 बजे के बीच हुई । जब अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ लोगों ने जालोरी गेट के पास एक चौराहे पर धार्मिक झंडा लगा दिया। इस्लामिक झंडा लगा देख दूसरे समुदाय के लोग भी चौराहे पर पहुंच गए। उन्होंने दावा कि कि चौराहे पर स्थापित स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर इस्लामिक झंडा लगाया गया। ऐसा परशुराम जयंती के अवसर पर वहां लगे भगवा ध्वज को हटाकर किया गया।  इसको लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए और फिर झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज भी किया।और हालात को देर रात काबू में पा लिया गया। लेकिन सुबह फिर हिंसा शुरू हो गई। इसके बाद दोपहर में फिर हिंसा हुई और कई जगहों पर तोड़-फोड़ की गई। जिसके बाद 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।

मुख्यमंत्री पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हवा सिंह घुमरिया मंगलवार को जोधपुर पहुंचे हुए है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी, मुख्यमंत्री गहलोत के मौके पर नहीं पहुंचने पर सवाल उठा रही है। मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा था कि राज्य सरकार अराजक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करे और राज्य में कानून का राज स्थापित करे।

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