चीन को लेकर भारत ने अपनाया और कड़ा रूख, वीजा आवेदनों की होगी स्क्रूटनी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 4, 2020, 07:33 PM IST

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत लगातार कड़े कदम उठा रहा है। अब सरकार ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के ग्रुप से जुड़े अधिकारियों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है।

चीन को लेकर भारत ने अपनाया और कड़ा रूख, वीजा आवेदनों की होगी स्क्रूटनी

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच चल रहे मौजूदा तनाव के बीच भारत लगातार चीन के खिलाफ कदम उठा रहा है। अब सरकार ने सीमा पर ही नहीं बल्कि देश के अंदर भी चीन के खिलाफ कदम उठाने शूरू कर दिए ङैं। भारत में चीन से आने वाले सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े लोगों और अधिकारियों पर सरकार की कड़ी नजर है और इसी के तहत सरकार ने चीनी गैर-लाभकारी संस्था के वीजा आवेदनों की सख्त जांच का आदेश दिया है।

सरकार का बड़ा कदम

चाइनीज एसोसिएशन फ़ॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग (CAIFU) पर सरकार ऐसे समय में कड़ी निगरानी रख रही है जब भारत और चीन के बीच सबसे गंभीर तनाव पैदा हो गया है। भारतीय अधिकारियों की मानें तो बीजिंग स्थित कम्युनिस्ट पार्टी सेंट्रल कमेटी के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट से जुड़ा हुआ एक ग्रुप है, जो नेताओं, थिंक टैंकों और मीडिया के जरिए चीन के बाहर अभियान चलाता है। इसी हफ्ते की शुरूआत में सरकार ने चीन के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए 118 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया था। यही नहीं इसके अलावा सरकार ने सरकारी निविदाओं में शामिल होने वाली चीनी कंपनियों के लिए सख्त नियमों बना दिए हैं।

कड़े नियम

रॉयटर की खबर के अनुसार, एक आंतरिक ज्ञापन में, भारत सरकार ने अपनी चिंताओं को सूचीबद्ध किया है और यह संकेत दिया है कि इन गतिविधियों से राष्ट्रीय हित प्रभावित हो सकते हैं और ये ग्रुप भारत के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियां चला सकते हैं। नए आदेश के मुताबिक, अब चीन के इन ग्रुप्स के लोगों को अब कड़ी प्रक्रिया के तहत वीजा दिया जाएगा । नई श्रेणी का मतलब है कि निकाय के प्रतिनिधि, या इसे वापस करने वाले समूह, वीजा जारी करने से पहले एक सुरक्षा मंजूरी प्रक्रिया का सामना करेंगे।

ऐप कर चुका है बैन

भारत ने बुधवार को लोकप्रिय खेल ऐप ‘पबजी’ समेत चीन से संबंध रखने वाले अतिरिक्त 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया। इसकी वजह राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा और डेटा की गोपनीयता से जुड़ी चिंता है। भारत अब तक चीन से जुड़े कुल 224 ऐप पर प्रतिबंध लगा चुका है। ताजा कदम पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ फिर से सीमा तनाव बढ़ने के बाद उठाया गया है।

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