लैपटॉप मुद्दे पर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना, चुनावी नतीजों पर साध ली चुप्पी

रामपुर, आजमगढ़ उपचुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लैपटॉप के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा। लेकिन चुनावी नतीजों पर चुप्पी साध गए।

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अखिलेश यादव, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष 
मुख्य बातें
  • आजमगढ़, रामपुर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी हारी
  • आजमगढ़ से अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव थे मैदान में
  • रामपुर से आजमखान के करीबी आजमां रहे थे किस्मत

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, योगी आदित्यनाथ सरकार को लैपटॉप की याद दिला रहे हैं। बीजेपी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि छात्रों से जो वादे किए थे उसका क्या हुआ। लेकिन जब उनसे हाल में संपन्न रामपुर, आजमगढ़ उपचुनाव के नतीजों के बारे में पूछा गया तो चुप्पी साध ली। बता दें कि रामपुर और आजमगढ़ दोनों जगहों से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की हार हुई। रामपुर से जहां आजम खान के बेहद करीबी चुनावी मैदान में थे तो आजमगढ़ से अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेद्र यादव अपनी किस्मत आजमां रहे थे।

लैपटॉप वाले वादे की दिलाई याद
लोकसभा उपचुनावों में समाजवादी पार्टी की हार के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने शुक्रवार को राज्य सरकार को छात्रों को लैपटॉप देने के अपने पुराने चुनावी वादे के बारे में याद दिलाने के अलावा कोई भी राजनीतिक टिप्पणी करने से परहेज किया।सपा प्रमुख ने दो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीटों - आजमगढ़ और रामपुर में पार्टी की आश्चर्यजनक हार पर सवालों की झड़ी लगा दी, उन्होंने कहा कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल बच्चों को बधाई देने और लैपटॉप पर है।

तीखे सवालों पर साधी चुप्पी
मीडिया ने सपा सुप्रीमो पर उपचुनावों में मिली हार और सहयोगी ओम प्रकाश राजभर की सलाह पर कई सवाल दागे कि उन्हें वातानुकूलित कमरे से बाहर निकलकर जनता के साथ काम करना चाहिए। लेकिन उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।
सपा प्रमुख ने अपने जन्मदिन पर कुछ छात्रों को लैपटॉप वितरित किए और राज्य सरकार को लैपटॉप उपलब्ध कराने के अपने वादे के बारे में याद दिलाया।उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि चूंकि हम सत्ता में नहीं हैं, इसलिए हम कुछ ही बच्चों को लैपटॉप दे सकते हैं। और ये इसलिए दिए जाते हैं ताकि सरकार को अपना पुराना वादा याद दिलाया जा सके।


तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में, यादव ने एक योजना शुरू की थी, जिसके तहत हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को उच्च अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप दिए गए थे।2012 से 2016 तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 16 लाख से अधिक लैपटॉप वितरित किए गए।यादव ने दावा किया कि बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भी ऐसा ही वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया.सपा प्रमुख ने कहा, "मैं आपको (लैपटॉप) सरकार को याद दिलाने के लिए दे रहा हूं। हम ये केवल कुछ लोगों को ही दे सकते हैं, लेकिन सरकार इन्हें सभी को दे सकती है।

लगता है बीजेपी वादा भूल गई
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपने चुनावी घोषणापत्र 'लोक कल्याण संकल्प पत्र 2022' में, भाजपा ने सत्ता में आने पर स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत दो करोड़ टैबलेट और स्मार्टफोन की घोषणा की थी।यादव ने सरकार से छात्रों को दोपहिया वाहन देने की भी मांग की।हल्के-फुल्के अंदाज में, सपा प्रमुख ने कहा कि वह अपना जन्मदिन नहीं मनाते हैं क्योंकि "जो लोग मनाते हैं उन्हें पता होना चाहिए कि उन्होंने एक साल खो दिया (जो माने वो याद कर लें उनका एक साल कुम हो जाता है)"।छात्रों को संदेश में उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।"

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