कृषि बिल पर क्या कांग्रेस का सुर होगा नरम, बीजेपी का तंज- राहुल जी प्लीज ट्वीट मत कीजिएगा डिलीट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 18, 2020, 10:33 PM IST

Congress tweet on agriculture bill: कृषि बिल पर कांग्रेस के विरोध के बीच बीजेपी ने 2013 के वीडियो को ट्वीट किया है जिसमें राहुल गांधी एपीएमसी ऐक्ट को हटाने के समर्थन में है।

कृषि बिल पर क्या कांग्रेस का सुर होगा नरम, बीजेपी का तंज- राहुल जी प्लीज ट्वीट मत कीजिएगा डिलीट

नई दिल्ली। गुरुवार को कृषि बिल जब लोकसभा से पारित हुआ तो कांग्रेस की तरफ से बयान आया कि मोदी सरकार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उसके साथ ही तरह तरह के आरोप लगाए गए। लेकिन पीएम मोदी मे शुक्रवार को कहा कि यह तो रक्षा कवच है, विपक्षी दल किसानों को भरमा रहे हैं। इसके साथ ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी कहा कि सही और गलत का फैसला किसान खुद करें। इन सबके बीच बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने 2013 के एक वीडियो को ट्वीट करते हुए वायरल किया है जिसके बाद कांग्रेस के सुर में नरमी आ सकती है। 

2013 के बयान को बीजेपी ने दिलाया याद
बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ट्वीट के जरिए तंज कसते हुए कहते हैं कि हेलो राहुल गांधी जी प्लीज इस ट्वीट को डिलीट मत करिएगा। दरअसल किसानों के ही मुद्दे पर 2013 में कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया था उस ट्वीट में बताया जा रहा था कि किस तरह से कांग्रेस शासित राज्य एपीएमसी ऐक्ट से फल और सब्जियों को हटाएंगे। अब उसी बयान और वीडियो के जरिए कांग्रेस को बीजेपी घेर रही है। 


नड्डा ने भी कांग्रेस पर कसा था तंज
कांग्रेस पार्टी ने अपने ही घोषणा पत्र में कहा कि हम APMC से किसानों को बाहर लाएंगे, Essential Commodities Act 1955 में जंग लग गया है, उसे हम बदल डालेंगे। नरेंद्र मोदी  जी ने ये करके दिखाया है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वो बिचौलियों की भाषा बोल रहे हैं, किसानों की नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों को कांग्रेस ने हमेशा छला। कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर साफ तौर पर नजर आता है। 

तटस्थ होकर किसान फैसला करें
कृषि बिल में एमएसपी के मुद्दे पर विपक्ष की तरफ से जानबूझकर अफवाह फैलाया जा रहा है कि इसे खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन इसमें रत्ती मात्र सच्चाई नहीं है। किसानों और उनसे संबंधित यूनियन से वो अपील करते हैं कि एक बार वो बिल को देखें और उसके बाद तटस्थ होकर फैसला करें कि क्या सही और क्या गलत है। मोदी सरकार किसानों की मुश्किलों को नजदीक से समझती है और ऐसा फैसला नहीं किया जाएगा जो किसानों के हितों के खिलाफ होगा। 

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