Greta Thunberg Toolkit row: ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में पहली गिरफ्तारी, बेंगलुरु से एक अरेस्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 14, 2021, 02:07 PM IST

जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में पहली गिरफ्तारी हुई है, दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने बेंगलुरु से 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया है।

 Greta Thunberg Toolkit row: ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में पहली गिरफ्तारी, बेंगलुरु से एक अरेस्ट

किसान आंदोलन की आड़ में भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा वाले क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बेंगलुरु से 21 वर्षीय क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्यकर्ता जिसे दिशा रवि के रूप में पहचाना गया है उसको दिल्ली पुलिस की एक साइबर सेल टीम ने अरेस्ट किया है।

दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर हुई लाल किले हिंसा के साथ-साथ टूलकिट मामले की भी जांच कर रही है आरोप है कि दिशा रवि ने ही किसान आंदोलन से जुड़ी टूलकिट को एडिट किया था और उसे आगे भेजा था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिशा रवि को नॉर्थ बेंगलुरु से अरेस्ट किया है, दिशा से किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट को फैलाने को लेकर पूछताछ की जाएगी।

ग्रेटा ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए पहला 'टूलकिट' शेयर किया था। इसके बाद उन्होंने 'नया टूलकिट' पोस्ट किया था। एक्टिविस्ट ने कहा कि पुराना 'टूलकिट' 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली के बारे में था जो कि अब पुराना बड़ गया है। इस 'अपडेटेड टूलकिट' में उन्होंने आगामी प्रदर्शनों का ब्योरा दिया। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल 'टूलकिट' मामले की जांच कर रही है। रिपोर्टों की मानें तो इस 'टूलकिट' को खालिस्तान समर्थक संगठन 'पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन' ने तैयार किया है।

कौन हैं ग्रेटा थनबर्ग

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के खतरे को बचपन में ही समझ जाने वाली ग्रेटा थनबर्ग का जन्म तीन जनवरी 2003 को स्पेन के स्टॉकहोम में हुआ। इस समय वह 18 साल की हैं। इनकी मां मलेना एर्नमैन ओपेरा सिंगर और पिता सवांते थनबर्ग अभिनेता हैं। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के बारे में अपने विचारों के लिए ग्रेटा की पहचान दुनिया में पर्यावरण एक्टिविस्ट के रूप में बन गई है।

अगस्त 2018 में उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर स्वीडन की पार्लियामेंट के बाहर 'स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट' अभियान चलाया। इसके बाद पर्यावरण एक्टिविस्ट के रूप में उनकी पहचान वैश्विक बन गई। 16 साल की उम्र में ग्रेटा ने कई देशों के युवकों को जलवायु परिवर्तन के खतरे के प्रति जागरूक किया। उनके 'स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट' अभियान से बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी जुड़ी। 

ग्रेटा जलवायु परिवर्तन पर सेमिनारों को संबोधित कर चुकी हैं

ग्रेटा कम उम्र में ही स्टॉकहोम, हेलसिंकी, ब्रसेल्स और लंदन में जलवायु परिवर्तन पर सेमिनारों को संबोधित कर चुकी हैं। जलवायु परिवर्तन पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया। ग्रेटा का यह वीडियो काफी पसंद किया गया और लाखों लाखों ने इस वीडियो को शेयर किया। जनवरी 2019 में दावोस में ग्रेटा ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया। उनके इस संबोधन का भी दुनिया भर में प्रभाव देखा गया। 

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