'आपकी याद आ रही है',  शोपियां मुठभेड़ के दौरान 4 साल के मासूम की आतंकी पिता से भावुक अपील

Jammu Kashmir News : स्थानीय लोगों का कहना है कि मलिक एक बैंक में काम करता था। वह 20 दिसंबर को लापता हो गया और फिर आतंकवादी बन गया। सेना का कहना है कि मुठभेड़ स्थल से एक एके राइफल और तीन पिस्टल बरामद हुए हैं।

4-Year-Old's Appeal During Terrorist Encounter In Kashmir
शोपियां मुठभेड़ के दौरान 4 साल के मासूम की आतंकी पिता से भावुक अपील।- फाइल पिक्चर  |  तस्वीर साभार: PTI

श्रीनगर : सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां में रात भर चली मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकवादियों को मार गिराया। यह इस साल की सबसे बड़ी मुठभेड़ है जिसमें एक साथ 4 आतंकी मारे गए हैं। इस मुठभेड़ के समय का एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक आतंकवादी का चार साल का एक बच्चा अपने पिता को सरेंडर करने की अपील करता है लेकिन घर में छिपे अन्य आतंकवादी अपने साथी को बाहर आने नहीं देते। मासूम की अपने पिता की जान बचाने की यह अपील बेकार चली गई और वह मुठभेड़ में मारा गया। 25 साल के आकिब अहमद मलिक ने दहशतगर्दी का रास्ता तीन महीने पहले चुना था। मलिक अपने तीन अ्य साथियों के साथ मारा गया। 

सुरक्षाबल आतंकी को सरेंडर कराना चाहते थे
दरअसल, आतंकवादियों में मलिक के शामिल होने पर सुरक्षाबल उसके परिवार से उसकी पत्नी और बेटे को लेकर आए। मुठभेड़ की जगह पर मलिक के चार साल के बेटे ने लाउडस्पीकर पर अपने पिता को सरेंडर करने के लिए कहा। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में चार साल के बच्चे ने कहा, 'बाहर आ जाओ। वे आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। मैं मुझे आपकी याद आ रही है।'  सुरक्षाबलों की ओर से उपलब्ध कराए गए इस वीडियो में मलिक की पत्नी अपने पति मलिक को सरेंडर करने के लिए कहती है लेकिन उसकी भावुक अपील भी काम नहीं आई।

आतंकी की पत्नी ने भी की अपील
मलिक की पत्नी ने कहा, 'कृपया बाहर आ जाइए और सरेंडर कीजिए। आप यदि बाहर नहीं आना चाहते तो मुझे गोली मार दीजिए। हमारे दोनों बच्चे मेरे साथ आए हैं। बाहर आकर सरेंडर कर दीजिए।' सेना का कहना है कि मलिक बाहर आकर सरेंडर करना चाहता था लेकिन उसके अन्य साथियों ने ऐसा करने से उसे मना कर दिया।  वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मेजर जनरल राशिम बाली ने  कहा, 'सरेंडर करने के लिए पहले उसकी पत्नी ने अपील की लेकिन यह अपील बेकार गई। फिर हमने सोचा कि अपने बच्चे की अपील पर शायद वह घर से बाहर आए। उसके चार साल के बच्चे ने सरेंडर करने की अपील की। हमें जानकारी हुई कि आकिब घर से बाहर आकर सरेंडर करना चाहता था लेकिन उसके साथियों ने उसे मना कर दिया। यदि वह बाहर आता तो वह अपनी जान बचा सकता था।'

इस साल मारे गए 19 आतंकी
स्थानीय लोगों का कहना है कि मलिक एक बैंक में काम करता था। वह 20 दिसंबर को लापता हो गया और फिर आतंकवादी बन गया। सेना का कहना है कि मुठभेड़ स्थल से एक एके राइफल और तीन पिस्टल बरामद हुए हैं। सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो घर भी नष्ट हुए। पुलिस का कहना है कि इस साल अब तक मुठभेड़ में 19 आतंकवादी मारे गए हैं।  

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