राजस्थान में आज शादियों का 'अबूझ सावा', 10 हजार से ज्यादा होंगी आज शादियां 

राजस्थान में आज शादियों का बड़ा मुहूर्त है जिसे अबूझ सावा कहते हैं। राजस्थान मे आज 10 हजार से ज्यादा शादियां होनी है । कोरोना काल में एक दिन इतनी शादियों का आयोजन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

Biggest wedding ceremony in Rajasthan
राजस्थान में आज अबूझ सावा है और आज के दिन 10 हजार से ज्यादा शादियां होनी है।   |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • आज है तुलसी विवाह और देवउठनी एकादशी
  • शादियों के लिए बेहद शुभ मुहूर्त माना जाता है
  • पूरे राजस्थान में आज 10 हजार से ज्यादा शादियां होनी है

जयपुर: राजस्थान में आज ‘अबूझ सावा’ है। दरअसल आज ही हिंदू धर्म का बेहद शुभ दिन देवउठनी एकादशी है। साथ ही आज ही तुलसी विवाह भी है। इस दिन को पौराणिक मान्यताओं में काफी शुभ माना जाता है।  राजस्थान में बुधवार को शादियों का ‘अबूझ सावा’ है और राजधानी गुलाबी नगरी जयपुर में करीब 4,000 विवाह समारोह सहित पूरे राजस्थान में इस दिन दसियों हजार शादियां होनी हैं।

बुधवार यानी 25 नवंबर को को देवउठनी एकादशी है। परंपरागत रूप से इसे ‘अबूझ सावा’ कहा जाता है यानी इस दिन शादी विवाह के लिए मुहुर्त निकलवाने की जरूरत नहीं होती। कोरोना वायरस महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के खुलने के बाद यह अपनी तरह का बड़ा अवसर है जब एक ही दिन में हजारों शादियां होंगी।

27 नवंबर व 30 नवंबर को भी शादियों का बड़ा दिन

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बीच इन शादियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी संक्रमण की रोकथाम के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। वहीं राज्यपाल कलराज मिश्र व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से ऐसे आयोजनों के दौरान सजग-सतर्क रहने की अपील की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उपखंड अधिकारी एसडीएम कार्यालय जयपुर में 2,600, एसडीएम कार्यालय आमेर में 600 व एसडीएम कार्यालय सांगानेर में लगभग 1,400 शादियों की सूचना है। इनमें से 80 प्रतिशत शादियां बुधवार को होनी हैं। इसके बाद 27 नवंबर व 30 नवंबर को बड़ा सावा है।

आज 10 हजार से ज्यादा होंगी शादियां 

ऑल इंडिया टेंट डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि जिंदल के अनुसार राजस्थान में 25 नवंबर को दसियों हजार शादियां होंगी। उन्होंने कहा कि केवल जयपुर शहर में आधिकारिक रूप से यह आंकड़ा 4,000 से अधिक शादियों का है। पूरे राज्य की बात की जाए तो आंकड़ा दसियों हजार होगा।
राजस्थान में शादियों के दो बड़े सावे होते हैं ... अप्रैल में आखा तीज यानी अक्षय तृतीया का और दूसरा देवोत्थान या देवउठनी ग्यारस का। लॉकडाउन के चलते आखा तीज पर इस बार बड़ी संख्या में विवाह नहीं हो पाए।

उल्लेखनीय है कि दिवाली के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बाद सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए शादी-विवाह के लिए लोगों की संख्या को 250 से घटाकर 100 कर दिया है। इतनी बड़ी संख्या में हो रही शादियों में लोगों की संख्या सहित अन्य प्रोटोकॉल का पालन करवाना आसान काम नहीं है। वहीं जयपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर शंकर लाल सैनी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच यह निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण काम है। जिला प्रशासन व पुलिस के लोग लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे नियम प्रोटोकाल का पालन करें।'

कोरोना काल में प्रशासन के लिए प्रशासन के लिए चुनौती 

वहीं राज्यपाल मिश्र व मुख्यमंत्री गहलोत ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राज्यपाल मिश्र ने मंगलवार को लोगों से वैवाहिक समारोहों तथा सार्वजनिक आयोजनों में अधिक भीड़ एकत्र न करने की अपील की। गहलोत ने सोमवार रात समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार ने शादी विवाह में 100 से अधिक लोगों को अनमुति नहीं देने व मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना बढ़ाने का फैसला किया है क्योंकि सरकार को अहसास है कि राज्य में संक्रमण के मामले बढ़ने के कारणों में त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़, बढ़ती सर्दी और वैवाहिक कार्यक्रमों में अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति भी है। (एजेंसी इनपुट के साथ)
 

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