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Andhra Pradesh: नायडू सरकार में मंत्रियों के विभागों का हो गया बंटवारा, जानें किसे क्या मिला

Ministry Portfolios Announced in AP: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण समेत सभी 25 मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं। शुक्रवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी से अवगत करा दिया गया है। इस रिपोर्ट हम आपको बताते हैं कि किसे क्या मिला।

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आंध्र प्रदेश के किस मंत्री को मिला कौन सा विभाग।

Andhra Pradesh Ministers Portfolio: आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्रियों को उनकी-उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण समेत सभी 25 मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं। बीते बृहस्पतिवार को सचिवालय में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रथम ब्लॉक स्थित अपने कक्ष में सीएम नायडू ने अपना पदभार संभाला।

किस मंत्री को कौन सा विभाग मिला?

Ministers Porfolio AP

आंध्र प्रदेश के मंत्रियों के विभाग।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पदभार संभाला

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पदभार संभाल लिया है। नायडू ने बुधवार को केसरपल्ले में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। मुख्यमंत्री ने सचिवालय पहुंचने से पहले तिरुपति और विजयवाड़ा दुर्गा मंदिर में दर्शन किये। सचिवालय जाते समय अमरावती के किसानों ने मुख्यमंत्री पर फूलों की वर्षा की और शहर से गुजरते समय 'जय बाबू' के नारे लगाए। राजधानी में नायडू के स्वागत में कई जगह बैनर और पोस्टर लगाए गए थे। अपनी पत्नी एन. भुवनेश्वरी के साथ सचिवालय पहुंचे मुख्यमंत्री का मुख्य सचिव नीरव कुमार प्रसाद और अन्य अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया।

नायडू के शपथ ग्रहण में कौन-कौन रहा मौजूद

तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने बीते बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका चौथा कार्यकाल है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी तथा जे.पी. नड्डा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इस मौके पर मौजूद थे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण और अभिनेता रजनीकांत तथा चिरंजीवी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

मोदी ने नायडू और पवन कल्याण को लगा लिया गले

जनसेना प्रमुख एवं अभिनेता पवन कल्याण, चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश समेत अन्य ने मंत्री पद की शपथ ली। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने नायडू और अन्य को शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद चंद्रबाबू नायडू को प्रधानमंत्री मोदी ने गले लगाया और उनकी पीठ थपथपाई। बाद में, प्रधानमंत्री ने अभिनेता चिरंजीवी और पवन कल्याण का हाथ पकड़कर उनसे आत्मीयता से बात की और मंच पर तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम, तमिल सुपरस्टार रजनीकांत और उनकी पत्नी लता के साथ भी बातचीत की। हाल में हुए चुनाव में नायडू ने अपनी कुप्पम सीट बरकरार रखी, जबकि पवन कल्याण और लोकेश ने पिथापुरम और मंगलगिरि विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल की।

जानें किन 25 मंत्रियों ने ली शपथ

नायडू और लोकेश के अलावा, तेदेपा विधायक के. अच्चेन्नायडू, पी. नारायण, कोल्लू रवींद्र, निम्मला राम नायडू, अनिता वंगालापुडी, अनम रामनारायण रेड्डी, कोलुसु पार्थसारथी, एनएमडी फारूक, पय्यावुला केशव, ए. सत्य प्रसाद, डोला श्री बाला वीरंजनेय स्वामी, गोट्टीपति रवि कुमार, जी संध्या रानी, बीसी जनार्दन रेड्डी, टीजी भारत, एस. सविता, वासमसेट्टी सुभाष, कोंडापल्ली श्रीनिवास और मंडीपल्ली राम प्रसाद रेड्डी ने भी शपथ ली। जनसेना पार्टी से पवन कल्याण के अलावा नादेंदला मनोहर और कंदुला दुर्गेश, जबकि भाजपा विधायक सत्य कुमार यादव ने मंत्री पद की शपथ ली।

आंध्र प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या (175) के अनुसार, मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 26 मंत्री हो सकते हैं। आंध्र प्रदेश में राजग में तेदेपा, भाजपा और जनसेना शामिल हैं। आंध्र प्रदेश में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कुल 175 विधानसभा सीट में से राजग ने 164 सीट पर जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया। राजग ने आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीट में से 21 पर जीत दर्ज की है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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