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Delhi Liquor Scam: ED-CBI केस में जमानत के लिए HC पहुंचे मनीष सिसोदिया, कल सुनवाई

Delhi Liquor Scam: दिल्ली शराब घोटाले में जेल में बंद मनीष सिसोदिया ने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया गया है। उन्होंने ईडी-सीबीआई केस में ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनाती है।

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मनीष सिसोदिया

Photo : Times Now Digital

Delhi Liquor Scam: दिल्ली शराब घोटाले में जेल में बंद मनीष सिसोदिया ने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया गया है। उन्होंने ईडी-सीबीआई केस में ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनाती है। ट्रायल कोर्ट ने आप नेता को जमानत देने से इंकार कर दिया था। इस मामले में अदालत में कल सुनवाई हो सकती है।

बता दें, इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को ईडी और सीबीआई दोनों मामलों में जमानत देने से इंकार कर दिया था। अदालत ने दूसरी बार सिसोदिया की जमानत याचिका को खारिज किया था। सिसोदिया की याचिका के जवाब में जांच एजेंसियों ने कहा था कि आप नेता दिल्ली शराब घोटाले के किंगपिन हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी आप नेता को झटका लग चुका है।

बीते साल फरवरी में हुई थी गिरफ्तारी

दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत 9 मार्च, 2023 को ईडी ने सिसोदिया की गिरफ्तारी की थी। इसके बाद सिसोदिया ने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। तब से वह जेल में ही हैं और उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ती जा रही है।

क्या है मनीष सिसोदिया पर आरोप

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के साथ ही साथ ईडी का आरोप है कि शराब माफियाओं को ज्यादा मुनाफा कमवाने के लिए दिल्ली सरकार ने जानबूझ कर नई शराब नीति बनाई। इस शराब नीति में जानबूझक अनियमितता की गई, जिससे लाइसेंस धारकों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया जा सके।इसके साथ ही बिना उचित प्राधिकारी की मंजूरी के उनके लाइसेंस शुल्क को माफ या घटाया गया और उनकी लाइसेंस की अवधि का भी विस्तार किया गया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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