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हर हर महादेव के लगेंगे जयकारे, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 1000 श्रद्धालुओं का हुआ चयन, इस रास्ते करेंगे सफर

Kailash Mansarovar Yatra: विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए हजार श्रद्धालुओं का चयन किया, जो लिखुलेख और नाखुला दर्रों के रास्ते सफर करेंगे।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा

Photo : iStock
  • Kailash Mansarovar Yatra: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को लिपुलेख और नाथुला दर्रों के रास्ते होने वाली आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए हजार तीर्थयात्रियों का चयन किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तीर्थयात्रियों के चयन के लिए कंप्यूटर आधारित लॉटरी निकालकर श्रद्धालुओं का चयन किया।
  • हर जत्थे में होंगे 50 श्रद्धालु

  • विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, कंप्यूटर आधारित और जेंडर बैलेंस को ध्यान में रखकर की गई। चुने गए 1000 श्रद्धालुओं को 20 जत्थों में बांटा गया है, जिनमें प्रत्येक दल में 50 श्रद्धालु होंगे।
  • कब शुरू होगी यात्रा

  • मानसरोवर यात्रा जून 2026 में शुरू होकर अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र स्थित पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करेंगे, जिसे हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है।

  • विदेश मंत्रालय ने बताया कि लिपुलेख और नाथुला दोनों मार्ग पूरी तरह से वाहनों के चलने लायक हो चुके हैं, जिससे यात्रियों को बहुत कम पैदल यात्रा करना पड़ेगा। चुने गए तीर्थयात्री 20 जत्थों में यात्रा करेंगे; हर जत्थे में 50 तीर्थयात्री होंगे, जो लिपुलेख और नाथुला दर्रों के रास्ते अपनी यात्रा पूरी करेंगे।
  • आसान हुआ सफर

  • लिखलेख और नाथुला दर्रे के रास्ते होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा अब आसान हो गई, क्योंकि यह रास्ते वाहनों के चलने लायक हो गए हैं। ऐसे में यात्रियों को ज्यादा चलना नहीं पड़ेगा। आपको बता दें कि जन श्रद्धालुओं के नाम का चयन हुआ है, उन्हें ईमेल और एसएमएस के जरिए इसकी जानकारी भेजी गई है।

  • सनद रहे कि हाल ही में नेपाल ने लिपुलेख दर्रे के रास्ते होने वाली सालाना तीर्थयात्रा की तैयारियों पर आपत्ति जताई थी। नेपाल का दावा था कि यह उसका हिस्सा है। हालांकि, भारत ने नेपाल के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और अपने रुख को स्पष्ट किया।

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा करीब पांच साल के अंतराल के बाद पिछले वर्ष फिर से शुरू हुई थी। साल 2020 में कोविड-19 महामारी और पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सैन्य तनाव के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई थी।

  • Anurag Gupta
    अनुराग गुप्ताauthor

    अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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