हेल्थ

बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी को अपने हिसाब से करने चाहिए योगासन, जानें हर उम्र के लिए खास आसन

शरीर की उम्र के हिसाब से क्षमता और आवश्यकताएं बदलती रहती है। इसलिए योगासनों का चयन भी आपको उम्र के आधार पर करना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताएंगे जो आपको उम्र के हिसाब से करने चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में…

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Age According Yoga (Photo - Canva)

बच्चे, बड़े हो या बुजुर्ग सभी की शारीरिक जरूरत अलग-अलग होते हैं, इसलिए सभी को अलग तरह के योगासन करने की सलाह भी दी जाती है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए आपको हर उम्र के व्यक्ति को अलग-अलग योगासन करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि जो आसन बच्चे कर सकते हैं उन्हें बड़े नहीं कर सकते हैं। लेकिन फिजिकल एक्टिविटी बच्चे, बड़े और बूढ़े सभी के लिए जरूरी होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताएंगे जो अलग-अलग उम्र के आयु वर्ग में फिट बैठते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

बच्चों के लिए योगासन

बच्चों के शरीर का विकास काफी तेजी से होता है, इसलिए उनके शरीर में लचीलापन भी जरूर होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की एकाग्रता भी बेहतर होनी चाहिए। जिससे उनकी मेंटल हेल्थ का विकास भी हो सके। 5-15 साल के बच्चों को ताड़ासन, वृक्षासन (ट्री पोज), भुजंगासन (कोबरा पोज), वज्रासन, सूर्य नमस्कार (हल्के रूप में) जैसे आसन जरूर करने चाहिए।

युवाओं के लिए योगासन

इसके अलावा युवा यानी 16 से 30 साल की आयु वर्ग के लोगों की शारीरिक क्षमता काफी अच्छी होती है। जिससे वह मेहनत वाले व्यायाम कर सकते हैं। इन लोगों को अपनी लाइफ से तनाव दूर करने और फिटनेस को बढ़ाने के लिए कुछ जरूरी हैं। इसके लिए आपको सूर्य नमस्कार (फुल सीरीज), त्रिकोणासन, वीरभद्रासन (वॉरियर पोज), नौकासन, चक्रासन, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम करने चाहिए।

बुजुर्गों के लिए योगासन

बुजुर्गों को भी फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करनी चाहिए। लेकिन एक उम्र के बाद आपको अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए योगासन करने चाहिए। ज्यादा उम्र में जोड़ों की जकड़न और हड्डियों की कमजोरी बढ़ जाती है। इसलिए कठिन आसन करने से बचना चाहिए। यदि आपकी आयु 50 वर्ष से अधिक है, तो आपको ताड़ासन, वज्रासन, मकरासन, शवासन (रिलैक्सेशन के लिए), अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम, हल्की स्ट्रेचिंग ही करनी चाहिए।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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