हेल्थ

क्या है डिजिटल डिटॉक्स? जानें मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए कितना कारगर है ये तरीका

Screen Time And Mental Health : फिजिकल हेल्थ पर लोग भरपूर ध्यान देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी मेंटल हेल्थ पर भी उतना ही ध्यान दिया है। जी हां आज लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम आपकी मेंटल हेल्थ की बैंड बजा रहा है। आज हम आपको डिजिटल डिटॉक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपकी मेंटल हेल्थ बेहतर हो सकती है।

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digital detox and mental health (Photo - Canva)

What Is Digital Detox : तेजी से बदलते और आधुनिक होते समय में डिजिटल चीजें हमारी लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन गैजेट्स पर लगातार बढ़ती निर्भरता आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ को बर्बाद करने का काम कर रही है। जी हां इंटरनेट और मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल ने अपनी मेंटल हेल्थ की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है। यदि आप मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको कुछ जरूरी टिप्स जरूर फॉलो करने चाहिए। आज हम आपको मेंटल हेल्थ पर स्क्रीन टाइम के असर और इसके दुरुस्त करने के टिप्स देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

स्क्रीन टाइम और मेंटल हेल्थ

लगातार बढ़ने स्क्रीन टाइम और इंटरनेट के इस्तेमाल से हमारे दिमाग पर नई-नई इंफॉर्मेशन की बमबार्डिंग हो रही है। जो धीरे-धीरे हमारे दिमाग को थका देती हैं। यही कारण है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम वाले लोगों में तनाव, एंग्जाइटी और कंफ्यूजन जैसे मामले बढ़ने लगते हैं। इसलिए इंटरनेट का इस्तेमाल हमारे लिए वरदान हो सकता है, लेकिन ज्यादा स्क्रीन टाइम बढ़ने से ये वरदान अभिशाप भी साबित हो सकता है।

कैसे करें डिजिटल डिटॉक्स?

डिजिटल डिटॉक्स यानी कुछ समय के लिए टेक्नोलॉजी से दूरी बनाकर दिमाग को आराम देना। ये एक जरूरी कदम है जो हमारे मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। शुरुआत में डिजिटल डिटॉक्स करना आपको मुश्किल लग सकता है, लेकिन छोटी-छोटी आदतों से शुरुआत करके ये आसान हो सकता है।

  • सुबह उठते ही सबसे पहले मोबाइल न देखें। जबकि पहले खुद पर ध्यान दें जैसे ध्यान, योग या वॉक जैसी चीजों को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।
  • डिजिटल डिटॉक्स की शुरुआत के लिए रोजाना 1–2 घंटे "नो-स्क्रीन टाइम" तय करें। इस समय आपको मोबाइल या टीवी सभी तरह की स्क्रीन से दूर रहना है।
  • डिजिटल डिटॉक्स की शुरुआत के लिए खाने के समय फोन से दूरी बनाएं और परिवार के साथ एक अच्छा समय बिताएं।
  • सोशल मीडिया ऐप्स की नोटिफिकेशन बंद करना आपके डिजिटल डिटॉक्स के लिए काफी कारगर साबित हो सकता है।
  • इसके साथ ही अपनी मोबाइल पर स्क्रीन टाइम की लिमिट सेट कर दें, जो आपको रोजाना इसकी याद दिलाती रहेगी।

निष्कर्ष - डिजिटल डिटॉक्स कोई बहुत कठिन काम नहीं है। हालांकि शुरुआत में ये काम थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन कुछ समय बाद इसके बहुत सारे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। हफ्ते में एक दिन या दिन के कुछ घंटे टेक्नोलॉजी से दूर रहकर आप खुद को ज्यादा शांत, जागरूक और खुश महसूस करेंगे।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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