Ghaziabad News: लेबर रूम का पता पूछती रह गई महिला, नहीं मिली जानकारी, गैलरी में जन्‍मी बच्ची, जांच के आदेश

Ghaziabad News: संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से कराहती हुए महिला लोगों से लेबर रूम का रास्‍ता पूछते हुए भटकती रही, लेकिन अस्‍पताल के किसी ने महिला की मदद नहीं की। जिसके कारण वह लेबर रूम तक नहीं पहुंच पाई और गैलरी के अंदर ही एक बच्‍ची को जन्‍म दे दिया। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

gallery born baby
संयुक्त अस्पताल के गैलरी में महिला ने दिया बच्‍ची को जन्‍म   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • महिला और उसके पति को नहीं चल पाया लेबर रूम का पता
  • सीएमएस ऑफिस के पास महिला ने दिया बच्‍ची को जन्‍म
  • जांच के लिए दो डॉक्‍टरों की कमेटी कठित, दो दिन में रिपोर्ट

Ghaziabad News: गाजियाबाद के संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए पहुंची एक महिला प्रसव पीड़ा से कराहती हुए करीब आधे घंटे तक लोगों से लेबर रूम का रास्‍ता पूछते हुए भटकती रही, लेकिन अस्‍पताल के किसी स्‍टॉफ ने महिला की मदद नहीं की। इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई और उसने सीएमएस ऑफिस के बगल में गैलरी के अंदर ही एक बच्‍ची को जन्‍म दे दिया। इस घटना के बाद अपनी लापरवाही और बदइंतजामी को छिपाने के लिए अस्पताल प्रबंधन एक्टिव हुआ और तत्‍काल ही दोनों को जच्चा-बच्चा को वार्ड में भर्ती कराया।

वहीं इस घटना के बाद अस्‍पताल प्रबंधन इसे छिपाने की कोशिश में जुटा रहा। इसके बारे में सीएमओ तक को कोई सूचना नहीं दी गई। हालांकि घटना की जानकारी मिलने के बाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग एक्टिव हुआ और सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सीनियर चिकित्सकों की समिति गठित कर दी है। सीएमओ ने कहा कि यह समिति दो दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी, जिसके बाद जिम्‍मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें करीब दो माह पहले भी इस अस्पताल में एक महिला ने बाथरूम के अंदर बच्चे को जन्म दिया था।

लेबर वार्ड का किसी ने नहीं बताया रास्‍ता  

बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए अस्पताल आने वाली महिला मूल रूप से बिहार के रहने वाली मंजू हैं। अपनी पत्‍नी को लेकर पति श्रीचंद संयुक्त अस्पताल पहुंचे थे। श्रीचंद ने बताया कि मेरी पत्‍नी का इसी अस्‍पताल में इलाज चल रहा था। जब प्रसव पीड़ा तेज हो गई तो अस्‍पताल लेकर भागा। यहां पर पहुंच कर अस्‍पताल के स्‍टॉफ व अन्‍य लोगों से लेबर रूम का रास्ता पूछता रहा, लेकिन कोई रास्ता बताने को राजी नहीं था। इसी तरह भटकते हुए हम लोग लेबर रूम की जगह सीएमएस कार्यालय के पास गैलरी में पहुंच गए। जहां पर प्रसव पीड़ा से परेशान मंजू जमीन पर लेट गई। श्रीचंद ने बताया कि पत्‍नी की हालत ज्‍यादा खराब होता देख मैं व्हील चेयर लेने के लिए भागा। इस दौरान वहां अन्‍य मरीजों की भीड़ लग गई। तभी जानकारी मिलने पर स्टाफ नर्स भी वहां पहुंची, लेकिन तब तक मंजू ने बच्ची को जन्म दे दिया। इसके बाद दोनों को जच्चा-बच्चा वार्ड में शिफ्ट किया गया। मंजू के पति ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले कोई लेबर रूम के बारे में जानकारी देने तक को तैयार नहीं था। वहीं बाद में अस्‍पताल का स्‍टॉफ इस बात को छुपाने के लिए मान-मनौव्वल करने लगा।

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