गाजियाबाद में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 438 अनफिट बसों का पंजीकरण किया निलंबित

गाजियाबाद में बगैर फिटनेस प्रमाण पत्र के बच्‍चों के जीवन को खतरे में डाल कर चल रही स्‍कूल बसों पर परिवहन विभाग ने सख्‍ती शरू कर दी है। विभाग की तरफ से फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल न करने वाली 438 स्कूली बसों का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है। इन्‍हें फिटनेस कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।

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गाजियाबाद में 438 स्‍कूल बसों का रजिस्ट्रेशन निलंबित  |  तस्वीर साभार: BCCL
मुख्य बातें
  • परिवहन विभाग ने 438 स्कूली बसों का रजिस्ट्रेशन किया निलंबित
  • फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए दिया 15 दिन का समय
  • बगैर फिटनेस प्रमाण पत्र चलती मिली बस तो बस होगी सीज

Ghaziabad News: गाजियाबाद के मोदीनगर बस हादसे में पिछले माह एक छात्र की जान जाने के बाद से ही परिवहन विभाग लगातार सक्रिय है। गाजियाबाद परिवहन विभाग ने उसके बाद से अब तक फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल न करने वाली 438 स्कूली बसों का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया है। इन सभी बसों से संबंधित स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर फिटनेस टेस्ट कराने को कहा गया है। जो बस इस टेस्‍ट में पास होंगी, उन्‍हें ही सड़क पर चलने की अनुमति दी जाएगी। बिना फिटनेस के सड़क पर मिलने वाली बसों का रजिस्ट्रेशन नंबर निरस्त कर दिया जाएगा।

एआरटीओ प्रणव झा ने बताया कि विभाग की तरफ से सभी स्कूली बसों की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इस समय के अंदर सभी बसों की फिटनेस करवानी जरूरी है। इसके बाद अगर कोई बस बिना फिटनेस के चलती पाई गई तो उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर बस को जब्‍त कर लिया जाएगा। बच्‍चों की सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ बर्दास्‍त नहीं किया जाएगा।

45 फीसदी स्कूली बसों के पास नहीं फिटनेस प्रमाण पत्र

बता दें कि, शहर में 21 अप्रैल को बस की खिड़की से सिर बाहर निकालने से हुई बच्चे की मौत के बाद से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। इस हादसे में स्‍कूल के साथ परिवहन विभाग के अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई थी। शासन स्‍तर से कार्रवाई करते हुए जहां तीन परिवहन अधिकारियों को सस्‍पेंड कर दिया गया, वहीं पुलिस ने स्‍कूल संचालकों पर भी मामला दर्ज किया है, जिसकी जांच अभी भी चल रही है। इस हादसे के बाद ही परिवहन विभाग ने स्‍कूल बसों की पिफटनेस प्रमाण पत्र को लेकर सख्‍ती बरतनी शुरू की। एआरटीओ प्रणव झा ने बताया कि विभाग की जांच में पता चला है कि जिले में अभी भी करीब 45 फीसदी स्‍कूल बसों के पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है। अब तक कार्रवाई कर 85 बसों को सीज किया गया, वहीं 117 बसों का चालान किया गया। एक माह के अंदर 317 स्कूली बसों ने ही फिटनेस टेस्ट कराया है।

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