Ghaziabad Fraud: मां, बेटी और बेटे की करामात, यूनिवर्सिटी का निदेशक बनाने और फ्लैट के नाम पर 58.5 लाख ठगे

Ghaziabad Fraud: गाजियाबाद के वेवसिटी में रहने वाली एक महिला ने अपनी बेटी और बेटे के साथ मिलकर एक व्‍यक्ति से 58.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने यह ठगी सस्‍ता फ्लैट दिलाने और श्रीधर यूनिवर्सिटी में निदेशक बनाने के नाम पर की।

Ghaziabad Fraud
गाजियाबाद में 58 लाख की ठगी   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • महिला ने अपनी बेटी और बेटे के साथ मिलकर की करीब 58 लाख की ठगी
  • सस्‍ता फ्लैट दिलाने और यूनिवर्सिटी का निदेशक बनाने के नाम पर हड़पे रुपये
  • एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू

Ghaziabad Fraud: गाजियाबाद में फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर एक महिला और उसकी बेटी व बेटे ने सस्ते प्लॉट और श्रीधर यूनिवर्सिटी में निदेशक बनाने के नाम पर 58.5 लाख रुपये की ठगी की है। इस संबंध में मेरठ के रुड़की रोड स्थित कोणार्क कॉलोनी निवासी यादवेंद्र सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा के आदेश पर टीम गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है।

शिकायतकर्ता यादवेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वेवसिटी निवासी विजय यादव से उनके घरेलू संबंध थे। यादवेंद्र ने बताया कि विजय की पत्नी सुनीता, बेटे शुभम व बेटी वर्षा ने उन्‍हें बताया कि उन्‍होंने मेरठ में द्वारिका हाईट्स नाम से प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिसमें 30 लाख रुपये अभी देने पर 50 लाख रुपए का फ्लैट मिल जाएगा। जिसके बाद यादवेंद्र ने रकम का भुगतान कर फ्लैट का एग्रीमेंट करा लिया।

श्रीधर यूनिवर्सिटी में निदेशक के नाम पर लिए 28.50 लाख

शिकायतकर्ता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि 30 लाख रुपये लेने के दो साल बाद इन आरोपियों ने उनसे श्रीधर यूनिवर्सिटी में निदेशक बनाने के नाम 18.50 लाख रुपये लिए। इसके बाद कुछ समय बाद इसी काम के लिए फिर से 10 लाख रुपये और ले लिए। यादवेंद्र ने कहा कि कुछ दिनों बाद ही श्रीधर यूनिवर्सिटी का नाम फर्जी डिग्री बेचने में सामने आने लगा, उन्होंने रुपये लौटाने को कहा तो आरोपी पैसे लौटाने का आश्वासन देने लगे, लेकिन अभी तक लौटाया नहीं। वहीं जनवरी 2014 में जब फ्लैटों का आवंटन हुआ तो पता चला कि उनका फ्लैट जितेंद्र रावत नाम के व्‍यक्ति को 53 लाख रुपये में बेच दिया गया है। तभी से यह परिवार उन्‍हें पैसे लौटाने का आश्‍वासन देता आ रहा है, लेकिन पैसे नहीं लौटाए। शिकायत मिलने के बाद एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि एंटी फ्रॉड सेल की जांच के आधार पर सुनीता, वर्षा व शुभम के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। छानबीन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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