Ghaziabad Cheating: ऋण एप के जरिए सैकड़ों लोगों से देश भर में 200 करोड़ की ठगी, ऐसे बनाते थे शिकार, 4 गिरफ्तार

Ghaziabad Cheating: गाजियाबाद पुलिस एप से ऋण देने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों के साथ करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी फर्जी पतों पर 600 बचत व चालू खाता खुलवा चुके हैं। इसमें से पुलिस ने 270 बैंक खातों की जानकारी जुटा ली है, बाकि की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी अब तक 200 करोड़ से ज्‍यादा की ठगी कर चुके हैं।

Ghaziabad Police
एप से ऋण देने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार   |  तस्वीर साभार: Twitter
मुख्य बातें
  • एप से ऋण देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
  • गिरोह के चार सदस्‍यों से भारी मात्रा में ठगी का समाना बरामद
  • आरोपियों ने ठगी के लिए खुलवा रखे थे करीब 600 बैंक खाते

Ghaziabad Cheating: एप से ऋण देने का झांसा देकर देश भर में सैकड़ों लोगों के साथ करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह के चार ठगों को गाजियाबाद साइबर सेल और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में ठगी का सामान भी बरामद किया है। इसमें 247 डेबिट कार्ड, 195 चेकबुक, 14 बैंक पासबुक, 12 पैन कार्ड, 18 आधार कार्ड, 15 मोबाइल, 11 सिम कार्ड, 7 वोटर आईडी कार्ड, एक प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) मशीन, दो क्यूआर कोड, छह मुहर, एक लैपटाप और एक ब्रेजा कार शामिल है।

पुलिस की इस सफलता की जानकारी देते हुए एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित की पहचान दिल्ली के केशवपुरम निवासी दो भाई मोहम्मद उस्मान व फुरकान उर्फ सोनू, यूपी के प्रतापगढ़ के गडवारा निवासी सुनील कुमार यादव और पीलीभीत के बरखेड़ा में सिमरिया ताराचंद गांव निवासी बलराम गंगवार के रूप में हुई है। चारों आरोपी इस गिरोह के लिए ग्राहकों को फंसाने और फर्जी पते पर खाते खुलवाने का कार्य करते थे।

आरोपी ऐसे करते थे ठगी

इस गिरोह द्वारा की जाने वाली ठगी की जानकारी देते हुए सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्र ने बताया कि यह गिरोह लोगों को सोशल मीडिया के माध्‍यम से मिनटों में ऋण स्वीकृत होने और रकम खाते में ट्रांसफर होने का झांसा देकर एप डाउनलोड कराते हैं। इसके लिए गिरोह द्वारा सैकड़ों की तदाद में एप बनाया गया है। शिकार के एप पर जाते ही गैलरी व कांटैक्ट्स समेत सभी की परमीशन मांगते और फिर 50 हजार से दो लाख रुपये के ऋण के नाम पर तीन से पांच हजार रुपये का ऋण पास कर इसकी आधी रकम व्यक्ति के खाते में डाल देते। इसके दो दिन बाद ही दोगुनी रकम मांगते और नहीं देने पर पीड़ित के मोबाइल में सेव सभी नंबरों पर मैसेज कर उन्हें भगोड़ा व ऋण चोर बताते हैं। इससे डरे पीड़ित द्वारा दोगुनी रकम देने के बाद भी ये पीछा नहीं छोड़ते।

पीड़ित के अश्लील फोटो बनाकर करते थे ब्लैकमेल

इसके बाद पीड़ित के मोबाइल से उनकी फोटो लेकर चेहरे को अश्लील फोटो पर लगा देते और उसे पीड़ित को भेजकर ब्‍लैकमेल करते। गाजियाबाद में अब तक इस तरह की सैकड़ों एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एसपी क्राइम ने बताया कि पकड़े गए चार आरोपितों का लीडर उस्मान है। चारों फर्जी पतों पर 600 बचत व चालू खाता खुलवा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक 270 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें 50 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। 600 खातों की जानकारी जुटा रहे हैं, जिसके बाद ठगी की रकम 200 करोड़ या इससे भी अधिक पहुंचेगी।

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